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नजूल भूमि पर मालिकाना हक की उम्मीद फिर जगी,हाईकोर्ट में सशक्त पैरवी की तैयारी

रुद्रपुर । रुद्रपुर क्षेत्र में वर्षों से नजूल भूमि पर निवास कर रहे हजारों परिवारों को मालिकाना हक मिलने की उम्मीद एक बार फिर मजबूत होती नजर आ रही है। विधायक शिव अरोरा के प्रयासों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन के बाद इस मामले में उच्च न्यायालय में सशक्त पैरवी की तैयारी शुरू कर दी गई है। विधायक शिव अरोरा ने कहा कि उन्होंने विधायक बनने से पहले नजूल भूमि पर रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलाने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर रुद्रपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 3200 परिवारों को नजूल भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया गया था। इसके तहत रमपुरा, बंगाली कॉलोनी, संजय खेड़ा, रविंद्र नगर, दूधिया नगर, खेड़ा और भदाईपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों के पात्र लोगों को 50 वर्ग मीटर तक भूमि का निशुल्क स्वामित्व दिया गया था। हालांकि 16 अप्रैल 2025 को उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी, जिसके बाद शेष परिवारों को मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया रुक गई। विधायक शिव अरोरा ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान नियम 300 के अंतर्गत इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने की मांग की थी। विधायक ने बताया कि हाल ही में उन्होंने देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में पत्र सौंपा और न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विधायक शिव अरोरा ने उच्च न्यायालय में एडवोकेट जनरल एस.एन. बदुलकर से भी मुलाकात कर मामले पर चर्चा की। उन्होंने मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट से भी भेंट कर नजूल भूमि के मालिकाना हक से जुड़े मामले में सशक्त पैरवी करने का अनुरोध किया। अधिवक्ता ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वैधानिक प्रक्रिया के तहत मामले में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा और समाधान का प्रयास किया जाएगा। विधायक शिव अरोरा ने कहा कि नजूल भूमि पर मालिकाना हक को लेकर रुद्रपुर के करीब 20 हजार परिवारों में एक बार फिर उम्मीद जगी है। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय द्वारा लगी रोक हटने के बाद मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शेष पात्र परिवारों को भी नजूल भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जा सकेगा।

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