ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे आजीविका एवं स्वरोजगार मॉडल: सीएस
टिहरी गढ़वाल । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चंबा अंतर्गत विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाले उभरते स्वरोजगार मॉडल का मूल्यांकन करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। उन्होंने रीप एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार विस्तार को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। ग्राम दिखोलगांव में रीप एवं आईएफएडी के सहयोग से संचालित हिमालयन भोजनालय फूड कार्ट का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। महिलाओं ने स्थानीय व्यंजनों के निर्माण, विपणन व्यवस्था और दैनिक आय से जुड़े अनुभव साझा किए। मुख्य सचिव ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बताते हुए इसके विस्तार और स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद नागणी में निर्माणाधीन मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। आरआईडीएफ नाबार्ड पोषित इस परियोजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को मूल्य संवर्धन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उप निदेशक मत्स्य प्रमोद कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि संपर्क मार्ग और पुस्तों का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मशीनरी की आपूर्ति की जा चुकी है तथा पीयूएफ पैनलिंग का कार्य प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। भिन्नू गांव में मूर्ति राम पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण करते हुए यह पाया गया कि पशुपालन और पोल्ट्री आधारित गतिविधियां ग्रामीण स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डी के शर्मा ने बताया कि यह इकाई ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। इसके पश्चात दुवाधार स्थित 3ज्ञ जैविक आउटलेट का अवलोकन किया गया, जहां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा मांडुआ, चौलाई और दाल जैसे स्थानीय जैविक उत्पादों का विपणन किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्य सचिव ने उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सभी गतिविधियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं, जहां सरकारी योजनाएं, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय संसाधन मिलकर विकास की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
