Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

कार्लीगाड़ पुनर्वास कार्यों को मुख्यमंत्री ने बनाया सर्वाेच्च प्राथमिकता

15 दिन में मलबा हटाने और पुनर्वास कार्य पूरा करने का लक्ष्य, मशीनरी और संसाधनों में व्यापक बढ़ोतरी
देहरादून । सहस्त्रधारा स्थित आपदाग्रस्त कार्लीगाड़ क्षेत्र में राहत, पुनर्वास और संरक्षण कार्यों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सर्वाेच्च प्राथमिकता के अनुरूप युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, मलबा निष्पादन और जोखिम न्यूनीकरण के लिए मशीनरी, मैनपॉवर एवं अन्य संसाधनों में व्यापक वृद्धि की है। प्रशासन के अनुसार आपदा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और स्थायी पुनर्वास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभिन्न विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए राहत, पुनर्वास और संरक्षण से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने में जुटे हैं। क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रत्येक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके तथा भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के अनुरूप हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के साथ कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पुनर्वास और मलबा हटाने के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित विभागों को कार्यों में और तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान आपदा के कारण क्षेत्र में जमा भारी मात्रा में मलबे को हटाने के कार्यों की समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्लीगाड़ क्षेत्र में जमा समस्त मलबे को आगामी 15 दिनों के भीतर हटाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति से बचाव के लिए मलबे का वैज्ञानिक ढंग से चौनलाइजेशन किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं स्थायी पुनर्वास के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे भविष्य में संभावित आपदाओं से जनहानि और संपत्ति के नुकसान की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पुनर्वास कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मलबा हटाने के कार्यों में तेजी लाने के लिए खनन विभाग द्वारा दो अतिरिक्त पोकलेन और जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जबकि डंपरों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। वहीं सिंचाई विभाग ने नदी के चौनलाइजेशन कार्यों के लिए दो अतिरिक्त पोकलेन मशीनें लगाई हैं। इससे मलबा निष्पादन और नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने के कार्यों में तेजी आई है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही क्षेत्र में दो पोकलेन मशीनें, जेसीबी और डंपर तैनात कर राहत एवं पुनर्वास कार्य संचालित किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संसाधनों में और वृद्धि करते हुए मलबा हटाने तथा नदी चौनलाइजेशन के कार्यों को और अधिक गति प्रदान की गई है। प्रशासन का लक्ष्य अगले 15 दिनों के भीतर प्रमुख कार्यों को पूरा कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *