प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा नया इतिहास,सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले नेता बने
नई दिल्ली (उद संवाददाता)। भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले राजनेता बन गए हैं। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक कुल 8931 दिनों तक सरकार के मुिखया के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जो भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री की यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दशकों के निरंतर नेतृत्व, व्यापक जनसमर्थन और राजनीतिक स्थिरता का परिणाम है। इस गणना में उनका गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल शामिल है। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम दर्ज था, जिन्होंने 8930 दिनों तक सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता की कमान संभाली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने लंबे मुख्यमंत्री काल के दौरान उन्होंने कभी चुनाव में हार का सामना नहीं किया। वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नाम सामने आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया और लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की। इसके बाद 2019 और फिर 2024 में भी लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी लोकप्रियता को सिद्ध किया। विशेष बात यह है कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने अब तक कोई बड़ा चुनाव नहीं हारा है। अपने इस लंबे सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने 2001 में गुजरात की कमान संभाली थी, तब राज्य भूकंप, चक्रवात और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा था। इन चुनौतियों ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया। उन्होंने अपनी माता की उस सीख का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने गरीबों के लिए कार्य करने और ईमानदारी के मार्ग पर चलने का मार्गदर्शन दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में गुजरात ने कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व प्रगति की। वर्ष 2014 के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तब देश में भरोसे का संकट था, लेकिन जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में देश के 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से उभरा है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए नारी शक्ति, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बताया।
