धामी के ‘धाकड़ से धुरंधर’ पर लगी केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मुहर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री की पीठ थपथपा कर पहनाया अभेद्य राजनीतिक सुरक्षा कवच
हल्द्वानी (उद संवाददाता)। उत्तराखंड की सियासत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा अब हिमालय की तरह अटल और मजबूत नजर आ रहा है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आयोजित विशाल जनसभा के मंच से देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘धाकड़ से धुरंधर’ नेता की नई पहचान दी। रक्षा मंत्री के इस संबोधन को राजनैतिक गलियारों में धामी सरकार के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिसने भविष्य की कमान को लेकर संशय के तमाम बादलों को छाँट दिया है। हल्द्वानी के मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने अपने ओजस्वी भाषण में स्पष्ट किया कि धामी सरकार ने बीते चार वर्षों के कार्यकाल में विकास के ऐसे आयाम स्थापित किए हैं, जिनकी मिसाल दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अनेक चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश को नई दिशा देने का जो कार्य पुष्कर सिंह धामी ने किया है, वह काबिले तारीफ है। रक्षा मंत्री ने इशारों ही इशारों में यह बड़ा राजनैतिक संदेश भी दे दिया कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव भी पुष्कर सिंह धामी के ही सशक्त नेतृत्व में लड़ा जाएगा।करीब 35 मिनट के अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने 20 से अधिक बार मुख्यमंत्री धामी के नाम का उल्लेख कर यह साबित कर दिया कि दिल्ली के दरबार में युवा मुख्यमंत्री की साख कितनी गहरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के बीच के बेहतर समन्वय को प्रदेश की प्रगति का मुख्य आधार बताया। रक्षा मंत्री ने जनसभा में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़ को देखकर गदगद होते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में इतनी अनुशासित और उत्साही भीड़ पहले कभी नहीं देखी, जो सीधे तौर पर वर्तमान सरकार के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। रक्षा मंत्री ने देवभूमि की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आस्था और महान परंपराओं की रक्षा करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है और धामी सरकार इस दिशा में अत्यंत प्रभावी कदम उठा रही है। धर्म और संस्कृति के साथ आधुनिक विकास का जो मॉडल उत्तराखंड में दिख रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन और निवेश के क्षेत्र में हो रही प्रगति का विवरण देते हुए कहा कि केंद्र की योजनाओं को धरातल पर उतारने में धामी सरकार अव्वल रही है। सभा के समापन पर दोनों नेताओं के बीच दिखा आपसी तालमेल और गर्मजोशी यह बताने के लिए पर्याप्त थी कि उत्तराखंड में नेतृत्व पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। इस रैली ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में पुष्कर सिंह धामी की भूमिका न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य में और भी अधिक निर्णायक होने वाली है।
उत्तरांचल दर्पण की खबर पर लगी मुहर
रूद्रपुर। राजनीति के गलियारों में जब नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें तैर रही थीं, तब ‘उत्तरांचल दर्पण’ ने 25 जनवरी 2026 के अंक में ही स्पष्ट कर दिया था कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उद्घोष ने हमारी उस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। पार्टी के भीतर और बाहर चल रही तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए ‘उत्तरांचल दर्पण’ ने अपने सूत्रें के हवाले से पहले ही बता दिया था कि केंद्रीय नेतृत्व धामी सरकार के कड़े फैसलों और विकास कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण पर रोक जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने मुख्यमंत्री की स्थिति को दिल्ली दरबार में अभेद्य बना दिया था। कल हल्द्वानी की जनसभा में जब रक्षा मंत्री ने धामी को ‘धाकड़ से धुरंधर’ बताया, तो उन राजनीतिक रणनीतिकारों के दावों की हवा निकल गई जो नेतृत्व परिवर्तन का ताना-बाना बुन रहे थे। उत्तरांचल दर्पण अपनी विश्वसनीय और सटीक रिपोर्टिंग के जरिए पाठकों तक हमेशा सच पहुंचाता रहा है और इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर हमारी खबर की प्रमाणिकता को सिद्ध किया है।
