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धामी मंत्रिमंडल में मैदान से लेकर पहाड़ तक संतुलन बनाया : अब कैबिनेट में गढ़वाल के आठ और कुमाऊं के चार मंत्री

हरिद्वार को मिले दो कैबिनेट मंत्री,तीन विधायक पहली बार कैबिनेट मंत्री बने
देहरादून। नवरात्र के दूसरे आज धामी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ और पांच नए मंत्रियों को एंट्री मिली। शपथ ग्रहण के बाद नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। धामी मंत्रिमंडल में मैदान से लेकर पहाड़ तक संतुलन बनाया है। पहली बार हरिद्वार को दो कैबिनेट मंत्री मिले। अब कैबिनेट में गढ़वाल के आठ और कुमाऊं के चार मंत्री हैं। तीन विधायक पहली बार कैबिनेट मंत्री बने। दो पुराने मंत्रियों को भी मौका दिया गया। धामी मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले कौशिक निशंक, खंडूरी और त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। त्रिवेंद्र सरकार में वह सरकार के प्रवक्ता भी रहे।
इन पांच मंत्रियों में सबसे पहले शपथ लेने पहुंचे राजपुर विधायक खजान दास दूसरी बार मंत्री बने हैं। खजान दास की पहचान सरल स्वभाव है। शुक्रवार को राज्यपाल ने राजपुर विधायक खजान दास सहित पांचों नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। पहली बार 2007 में धनोल्टी से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने देहरादून का रुख किया। 2017 में दूसरा विधानसभा चुनाव राजपुर रोड सीट से जीता। 2022 के चुनाव में भी इसी सीट से जीत दर्ज की।इससे पूर्व वे निशंक की सरकार में खेल, समाज कल्याण एवं शिक्षा मंत्री रहे हैं। खजानदास वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। हर मुद्दे पर उनकी सहजता और उनके व्यक्तित्व की सरलता उनकी पहचान है।

धामी कैबिनेट में मंत्रिपद की शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में से एक नाम मदन कौशिक का है, जो हरिद्वार जिले के भारी कद के नेता के रूप माने जाते हैं। मदन कौशिक चौथी बार सरकार में कैबिनेट मंत्री बने हैं। खास बात ये है कि 2002 से लेकर आज तक पांचों विधानसभा चुनाव जीते हैं। शुक्रवार को लोकभवन में राज्यपाल ने मदन कौशिक को मंत्रिपद की शपथ दिलाई। 2021-22 में वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी को धामी कैबिनेट में जगह मिली है। मूलरूप से मवाना घोलतीर निवासी रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी का लंबा राजनैतिक सफर रहा है। रुद्रप्रयाग की मवाना ग्राम पंचायत के प्रधान पद से अपनी राजनीति की शुरुआत की। प्रधान पद से अपनी राजनीति की शुरुआत करने के बाद भरत सिंह चौधरी ने कई विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद 2017 के चुनाव में पहली बार रुद्रप्रयाग से विधायक बने। इसके बाद 2022 में दूसरी बार चौधरी पर जनता ने भरोसा जताया। शुक्रवार को पहली बार उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।

कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने के बाद रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा की किस्मत खुली। शुक्रवार को पांच मंत्रियों के साथ उन्होंने धामी कैबिनेट में मंत्रिमंडल की शपथ ली। बत्रा ने 2007 में पहली बार रुड़की नगर पालिका चुनाव जीता। रुड़की विधानसभा सीट से दो बार कांग्रेस के टिकट से विधायक बनने के बाद 2022 में भाजपा में शामिल हुए प्रदीप बत्रा पहली बार कैबिनेट मंत्री बने हैं। बत्रा 2012 के चुनाव में पहली बार कांग्रेस के टिकट से विधायक बने। इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए और 2017 में भाजपा विधायक चुने गए। 2022 में तीसरी बार विधायक बने।

भीमताल से दो बार के विधायक राम सिह कैड़ा का राजनीतिक सफर कॉलेज कैंपस से कैबिनेट तक का रहा। आज उन्होंने धामी मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे कैड़ा शुरू में कांग्रेस से ही जुड़े रहे। इसके बाद क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जीता। उनकी पत्नी भी ब्लॉक प्रमुख बनी। 2017 में जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बन गए। निर्दलीय रहते हुए वे भाजपा के करीब रहे। इसके बाद 2022 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए।

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