तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी पुरस्कार से सम्मानित हुईं 48 महिलाएं
अब तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 75 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की 61 हजार रुपये करने की घोषणा
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उत्तराखंड वीरों के साथ साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है। जब भी वीरांगनाओं के साहस और पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीलू रौतेली का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा तथा सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की थी। अब इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। राज्य की मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
