August 31, 2026

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पिथौरागढ़ में अग्निपथ योजना का विरोध,सड़कों पर उतरा युवाओं का सैलाब

पिथौरागढ़/चम्पावत(उद संवाददाता)। तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए मोदी सरकार की नई योजना अग्निपथ के विरोध में गुरुवार को युवाओं का सैलाब सड़कों पर उतर आया। युवाओं ने पिथौरागढ़ में चक्का जाम कर दिया। जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। युवाओं के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवाओं को किसी तरह शांत कराकर जाम खुलवाया गया। जाम खोलने के बाद युवाओं ने नगर में विशाल जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन कर अग्निपथ योजना को वापस लिए जाने की मांग की। युवाओं का विरोध बीते रोज से ही शुरू हो गया था। गुरूवार को बड़ी तादात में युवा सिल्थाम तिराहे पर एकत्र हुए और चक्का जाम कर दिया। सिल्थाम तिराहे पर जाम लगने से रई, चंडाक, वîóा और रोडवेज स्टेशन में सैकड़ों वाहन फंस गए। बच्चों को स्कूल जे जा रही तमाम बसें भी जाम में अटक गई। धारचूला, डीडीहाट, थल, मुनस्यारी से आ रहे वाहनों की लंबी कतारें सड़कों पर लग गई। जाम के चलते राहगीर भी परेशान रहे। सिल्थाम में युवाओं ने सभा की और अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के हाथों से रोजगार का एक बड़ा अवसर छीन रही है। खासकर पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं के लिए सेना ही रोजगार का एक बड़ा माध्यम रहा है। इससे पहाड़ के युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ेगा। अग्निवीर योजना में भर्ती होने वाले युवाओं में से 75 प्रतिशत को चार साल बाद घर लौटना होगा। आक्रोशित युवाओं ने इस योजना को अविलंब वापस लिए जाने की मांग की। युवाओं ने पूर्व में कराई गई सेना भर्ती की लिखित परीक्षा रद्द किए जाने पर कड़ा आक्रोश जताते हुए अविलंब लिखित परीक्षा कराए जाने की मांग की। जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम सुंदर सिंह, कोतवाल एमसी पांडे और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम और कोतवाल ने युवाओं से वार्ता कर जाम खुलवाया। जाम खोलने के बाद युवा जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। युवाओं की भारी भीड़ के चलते नगर में कई स्थानों पर जाम लगा। कलक्ट्रेट पहुंचे युवाओं ने जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया। युवाओं ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर रद्द की गई सेना की लिखित परीक्षा कराने और अग्निपथ योजना को वापस लिए जाने की मांग की। वहीं युवाओं ने जोशीले अंदाज में विरोध प्रदर्शन में युवाओं ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाया। सेना की वर्दी टोपी पहने युवाओं ने जुलूस के दौरान सड़कों पर डिप्स लगाए। युवाओं ने कहा कि सरकार ने उनके लिए रोजगार के दरवाजे बंद कर दिए हैं। अग्निपथ योजना को वापस लेने के साथ ही रूकी हुई सेना की भर्ती दोबारा नहीं कराए जाने तक उनका विरोध जारी रहेगा। गुरुवार को आक्रोशित युवाओं ने चम्पावत स्टेशन बाजार में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से योजना को निरस्त कर पूर्व की भांति सेना भर्ती जारी रखने की मांग की। बाद में युवा गोल्ज्यू दरबार पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। युवाओं ने दो साल पूर्व हुई भर्ती में सफल अभ्यर्थियों को अब तक सेना में शामिल न करने पर भी रोष जताया।

देश के लाखों युवा सेना में भर्ती होने का सपना पाले हुए: हरदा
देहरादून(उद संवाददाता)। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में अग्निपथ योजना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय रक्षा सेनाओं में विशेष तौर पर थल सेना में दो लाख से ज्यादा पद रित्तफ पड़े हुए हैं। देश के लाखों युवा जो सेना में भर्ती होने का सपना पाले हुए हैं, इसके लिए वर्षों से तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने आलोचना से बचने के लिए उनको एक झुनझुना थमा दिया है कि आप भर्ती नहीं कर रहे हैं! वह अग्निपथ भी नाम तो बहुत जबरदस्त रखा, वह वीर जरूर होंगे। मगर सरकार ने उनको अग्निपथ का राही बना दिया है, क्योंकि 4 साल के बाद उनके जीवन की क्या कार्य योजना होगी उसके विषय में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है और सेना के साथ एक बार उनके सपने को जोड़ने के बाद आप 4 साल बाद उनके सपनों को तोड़ेंगे, इसका हमारी युवा शत्तिफ पर बहुत दुष्प्रभाव पड़ेगा और साथ-साथ आप हमारे उच्च दक्षता प्राप्त सेना के साथ जो है आधी-अधूरी ट्रेनिंग के आधार पर लोगों को यदि समाहित करेंगे, तो इससे सेना की क्वालिटी पर क्या असर पड़ेगा? उस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुझे तो यह अग्निपथ वीर जो है, केवल एक चुनावी योजना मात्र लगती है और किसी भी तरीके से न नौजवानों के हित में है, न देश की रक्षा के हित में दिखाई देती है।

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