कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने दी आत्मदाह की चेतावनी : फोन टैपिंग और अपने परिवार की जान के खतरे का आरोप
एक साल पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप,जांच की मांग
हल्द्वानी। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके परिवार के फोन टैप कर उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से बर्बाद करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि फोन टैपिंग से जुटाई जा रही जानकारी का इस्तेमाल आगामी चुनावों में भी किया जा सकता है। विधायक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से उनके खिलाफ झूठी सामग्री तैयार कर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी। बुधवार को हल्द्वानी स्थित अपने होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुमित हृदयेश ने कहा कि उन्हें करीब एक साल पहले अपने और परिवार के सदस्यों के फोन टैप किए जाने का संदेह हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनकी बच्ची का फोन भी टैप किया जा रहा है। विधायक के मुताबिक, इस मामले की जांच के लिए उन्होंने दो लोगों की मदद ली थी, लेकिन बाद में उन्हीं लोगों की संलिप्तता का संदेह होने पर उन्होंने 24 अप्रैल 2025 को तत्कालीन एसपी पीएन मीणा को दोनों के खिलाफ नामजद शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पत्रकार वार्ता में भावुक हुए विधायक
बातचीत के दौरान विधायक सुमित हृदयेश भावुक हो गए और रोने लगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और उन्हें आशंका है कि वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं को देने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने दोनों नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए। विधायक ने कहा कि राज्य के कई नेता ऐसी गैंग के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हिम्मत जुटाकर इस मामले को सार्वजनिक किया है।
राज्य सरकार पर नहीं लगाया आरोप
सुमित हृदयेश ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार की संलिप्तता का आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यह मामला राज्य प्रायोजित नहीं है। हालांकि, उन्होंने फोन टैपिंग और कथित साजिश में शामिल लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने की जांच की मांग
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ललित जोशी ने कहा कि विधायक और उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़ा मामला गंभीर है। यदि उन्हें खतरा है तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि खतरा किससे है और कथित साजिश में कौन लोग शामिल हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल ने बताया कि उन्होंने विधायक की प्रेस वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर देखा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वह इस मामले में सुमित हृदयेश से बातचीत करेंगे। छिम्वाल ने बताया कि फिलहाल वह डेंगू से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी शंकर कोरंगा ने कहा कि सुमित हृदयेश कांग्रेस के सम्मानित विधायक हैं और फोन टैपिंग तथा जान से मारने की कथित साजिश का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक को किसी पर संदेह है तो उन्हें इसकी जानकारी देनी चाहिए, ताकि सरकार मामले की जांच करा सके। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी तरीके से कामकाज हो रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक की ओर से जान के खतरे की बात कही गई है तो सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगी।


