बुटीक की आड़ में चल रहा था चरस तस्करी का नेटवर्क : दस लाख की चरस सहित दो तस्कर गिरफ्तार
हल्द्वानी (उद संवाददाता)। शहर में कपड़ों की सिलाई और बुटीक संचालन की आड़ में चल रहे नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। नैनीताल पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दमुवाढूंगा क्षेत्र स्थित एक बुटीक पर छापेमारी कर 5 किलो 02 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर जिलेभर में नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली थी कि दमुवाढूंगा के देवखड़ी क्षेत्र में स्थित डी फैशन बुटीक से अवैध नशे का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार को बुटीक में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बुटीक के अंदर से 5 किलो 02 ग्राम चरस बरामद की। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि चरस की यह खेप बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से हल्द्वानी लाई गई थी और इसे शहर समेत आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रवीण आर्या पुत्र निवासी देवखड़ी दमुवाढूंगा उम्र 50 वर्ष शामिल है, जो डी फैशन बुटीक का संचालक बताया जा रहा है। दूसरा आरोपी बलवन्त सिंह निवासी ग्राम तीख कपकोट जिला बागेश्वर उम्र 44 वर्ष है, जिसे चरस सप्लायर बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि पहाड़ी क्षेत्रें से मैदानी इलाकों तक चरस की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले कितनी खेप हल्द्वानी लाई गई और किन क्षेत्रें में इसकी आपूर्ति की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शक से बचने के लिए टेलरिंग और बुटीक के काम को आड़ बनाया हुआ था। सामान्य दुकान की तरह संचालित हो रहे इस बुटीक पर किसी को संदेह नहीं था। संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिलाई और बुटीक की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार का खुलासा कर पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
