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काशीपुर बाईपास मार्ग चौड़ीकरण के लिए गरजा पीला पंजा : अतिक्रमण के दायरे में आ रही दुकानों के स्वामियों में हड़कम्प

गांधी पार्क की चाहरदीवारी ध्वस्त
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। महानगर के काशीपुर बाईपास मार्ग के पिछले कई वर्षों से चौड़ीकरण की आस के पूरा होने का समय नजदीक आने लगा है। बुधवार को प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में काशीपुर बाईपास मार्ग से अतिक्रमण हटाने का काम प्रारम्भ किया गया। जिसकी शुरूआत डीडी चौक पर प्रस्तावित चौड़ाई की जद में आ रही गांधी पार्क की चाहरदीवारी को जेसीबी मशीन से ध्वस्त करने से की गई। अभियान के प्रारम्भ होते ही काशीपुर बाईपास मार्ग में अतिक्रमण के दायरे में आ रही दुकानों के स्वामियों में हड़कम्प मच गया और वह आनन फानन में दुकान का अतिक्रमण हटाने में जुट गये। त्यौहारों के सीजन से ठीक पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध भी किया। गांधी पार्क की चाहर दीवार तोड़ते हुए अभियान टीम अग्रसेन चौक पहुंची जहां बाई ओर के भवनों की पुनः नपाई करते हुए अतिक्रमण के दायरे में आ रहे भवनों पर जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया गया। इस दौरान कुछ व्यापारियों द्वारा अधिकारियों को न्यायालय से प्राप्त किया गया स्टे आर्डर दिखाये गये जिस पर अधिकारियों ने उन्हे मोहल्लत देते हुए अभियान को जारी रखा। अभिायान के दौरान टीम को व्यापारियों के विरोध का विशेष सामना नहीं करना पड़ा। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन व अन्य हिन्दू त्यौहार नजदीक आ चुके हैं इस मौके पर प्रशासन को अतिक्रमण हटाओं अभियान नहीं चलाना चाहिए था। संजय जुनेजा ने कहा कि वह विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं लेकिन त्यौहारों से ठीक पहले प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करके व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। यदि यह कार्रवाई त्यौहारों के सीजन के बाद होती तो व्यापारी इसमें पूरा सहयोग करते। लोक निर्माण अधिकारी ने बताया कि मार्ग चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए सम्बंधित व्यक्ति को पूर्व में नोटिस देकर 15 दिन में स्वयं अतिक्रमण हटा लेने का समय दिया गया था। बावजूद इसके अधिकांश स्थानों पर अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। उन्होंने बताया कि मार्ग के बीच से दोनों ओर 60-60 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाना है। जिसमें 56 भवन अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं। टी में एसडीएम मनीष बिष्ट, लोक निर्माण विभाग के ईई गजेन्द्र सिंह, जल संस्थान के ईई बद्रे आलम, उर्जा निगम के ईई किशोर पंत, कोतवाल प्रकाश दानू सहित उप निरीक्षक पंकज कुमार आदि शामिल थे।
हाईकोर्ट की स्टे के चलते कुछ दुकानों पर नहीं चली जेसीबी
रुद्रपुर। काशीपुर बायपास रोड पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हाईकोर्ट की स्टे के चलते दो-तीन दुकानों के सामने कार्रवाई रोक दी गई। अभियान के दौरान प्रशासन ने अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी, लेकिन जिन दुकानों के स्वामियों ने हाईकोर्ट से स्टे आदेश होने का दावा किया, वहां जेसीबी नहीं चलाई गई। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदारों ने प्रशासन के समक्ष न्यायालय से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रशासन ने मामले में जल्दबाजी न करते हुए संबंधित दुकानों के आगे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश और उससे जुड़े दस्तावेजों की विधिक जांच कराई जा रही है। कानूनी राय प्राप्त होने के बाद ही इन दुकानों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि दस्तावेज और स्टे आदेश वैध पाए जाते हैं तो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा, जबकि किसी प्रकार की राहत नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन स्थानों पर किसी प्रकार का न्यायालयी स्थगन आदेश नहीं था, वहां प्रशासन ने अभियान जारी रखते हुए अतिक्रमण हटाया। अधिकारियों का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी मामलों में न्यायालय के आदेशों तथा कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के दौरान जाम से जूझते रहे लोग
रुद्रपुर। काशीपुर बायपास रोड पर बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, लेकिन अभियान के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी नजर आई। गाबा चौक की ओर से वाहनों का आवागमन लगातार जारी रहने के कारण कई बार सड़क पर लंबा जाम लग गया। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी होने से स्कूल बसों और अभिभावकों के वाहनों की संख्या भी बढ़ गई। इससे काशीपुर बायपास रोड पर यातायात का दबाव और बढ़ गया तथा लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि प्रशासन गाबा चौक की ओर से आने वाले ट्रैफिक को अस्थायी रूप से इंदिरा चौक की ओर डायवर्ट कर देता तो जाम की स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी।

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