November 1, 2026

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दिल्ली चलो रैली में उत्तराखंड से भी उमड़ा कांग्रेसियों का हुजूम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून समेत विभिन्न जिलों से दिल्ली रवाना हुए नेता और कार्यकर्ता, मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का ऐलान; मुख्यमंत्री धामी से अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी मांगा जवाब

देहरादून। चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित दिल्ली चलो रैली में उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल होने के लिए रवाना हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। कांग्रेस ने रैली में उत्तराखंड से 25 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश के मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की आवाज को अनसुना कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता अब कांग्रेस से उम्मीद लगाए बैठी है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेगी।

धामी सरकार से कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल

दिल्ली में आयोजित रैली के बीच उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को भी कई मुद्दों पर घेरा। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए कहा गया कि केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद लोकतंत्र बचाने के नाम पर पदयात्राएं निकाली जा रही हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री द्वारा राहुल गांधी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर दिए गए बयान पर सवाल उठाने के संदर्भ में पलटवार किया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जो सवाल उठाए हैं, समय के साथ उन पर गंभीर बहस सामने आई है। अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों से जुड़े सवालों के साथ एपस्टीन फाइल के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए पार्टी ने मुख्यमंत्री से कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनता के वास्तविक सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मुख्यमंत्री से मांगा जवाब

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री धामी से पूछा कि मामले में कथित वीआईपी को बचाने और सबूत नष्ट किए जाने के आरोपों पर सरकार का क्या जवाब है? कांग्रेस ने सवाल किया कि अंकिता के रिजॉर्ट के कमरे को तोड़ने के आदेश क्यों दिए गए थे और इस पूरे मामले में उठे सवालों पर अब तक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई।पार्टी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता लंबे समय से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री को इस मामले में सामने आकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार गंभीर सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।

विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रमों में भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगा रही हैं। कांग्रेस के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक गरिमा और निष्पक्षता से जुड़ा है। इस पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी राजनीतिक दल के प्रचार से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करे।कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब सरकार लोकतंत्र बचाने की बात करती है, तो संवैधानिक पदों की निष्पक्षता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

जनता के सवालों का जवाब दे सरकार

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री धामी से अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित वीआईपी की भूमिका और साक्ष्यों को लेकर उठे आरोपों पर जवाब देने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक बयानबाजी में उलझने के बजाय प्रदेश की जनता के सवालों का सामना करना चाहिए। अंकिता को न्याय कब मिलेगा और सरकार इन गंभीर सवालों से कब तक बचती रहेगी, इसका जवाब उत्तराखंड की जनता चाहती है।

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