ठुकराल पर मुकदमे से भड़के कांग्रेसी: बैरिकेटिंग तोड़ एसएसपी कार्यालय परिसर में घुसे,पुलिस से तीखी नोंक-झोंक
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। सोमवार को कलैक्ट्रेट सभागार में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कमिश्नर व जिलाधिकारी की मौजूदगी में बुलाई गई बैठक के दौरान भाजपा विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन द्वारा राजकुमार ठुकराल के विरूद्ध सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में सिडकुल चौकी में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के खिलाफ मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पर भाजपा सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के विरूद्ध जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया तथा धरना देकर पूर्व विधायक राजकुमार के खिलाफ दर्ज कराया झूठा मुकदमा वापस लेने तथा उनके साथ अभद्रता करने वाले विधायक शिव अरोरा व किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के विरूद्ध दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि प्रशासन द्वारा बैठक में सभी पार्टियों के जिलाध्यक्षों, उनके प्रतिनिधियों व बीएलओं को आमंत्रित किया गया था। बावजूद इसके भाजपा विधायक सहित तमाम नेता बैठक में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालकर इच्छानुसार कार्य करवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने बैठक में किसी भी प्रशासनिक या विभागीय अधिकारी के साथ अभद्रता नहीं की उनका विवाद केवल विधायक शिव अरोरा व राजेश शुक्ला के साथ हुआ था। बावजूद इसके एक अधिकारी द्वारा श्री ठुकराल के खिलाफ यह आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया जाना कि उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डाली है पूरी तरह से झूठ है। वक्ताओं ने कहा कि कलैक्ट्रेट पर भाजपाईयों ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया था। जिस कारण कार्य के लिए आये सैकड़ों फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपाईयों द्वारा कलैक्ट्रेट जूते चप्पल पहनकर कीर्तन करना गलत परम्परा है। यह काम मंदिरों में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक में राजेश शुक्ला द्वारा यह कहकर विवाद की शुरूआत की गई कि आपत्ति दर्ज कराने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को बेहड़ के गुंडे धमकियां दे रहे हैं। जिस पर राजकुमार ठुकराल ने पूछा कि उन गुडों के नाम बताओं तो विधायक शिव अरोरा ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जिसका राजकुमार ने उसी भाषा में जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शाम तक भाजपाई अधिकारियों पर ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए दबाव बनाते रहे। जिसके आगे प्रशासन को नतमस्तक होना पड़ा। मुकदमा दोनों पक्षों के खिलाफ होना चाहिए था। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी हार साफ दिखाई दे रही है इसलिए अधिकारियों के साथ मिलकर विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है। अधिकारी भी भाजपा नेताओं के इशारों पर नाच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजकुमार ठुकराल पर दर्ज झूठा मुकदमा निरस्त नही किया गया तो पूरे प्रदेश के पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता यहां आकर आन्दोलन शुरू कर देंगे। दोपहर बाद किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़, जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, संजय ठुकराल आदि कांग्रेसियों को एसएसपी अजय गणपति ने वार्ता के लिए बुलाया। इस दोरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेताओं के दबाव में मुकदा दर्ज होने और देर रात ठुकराल के घर पर दबिश देने को लेकर नाराजगी जाहिर की। साथ ही ठुकराल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज न होने को लेकर भी नाराजगी प्रकट की। वार्ता के दौरान एसएसपी ने कांग्रेस नेताओं को बताया कि दबिश नोटिस तामील कराने को लेकर दी गयी थी। इस दौरान विधायक तिलकराज बेहड़, जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी, संदीप चीमा, सुमित्तर भुल्लर, योगेश चौहान, दिनेश पंत, मोहन खेड़ा, सतीश कुमार, उमा सरकार, परिमल राय, रणजीत सिंह, अर्जुन विश्वास, परवेज कुरैशी, प्रीती साना आदि सहित सैकड़ों कांग्रेसी थे।


