मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का किया शुभारंभ, तीन वर्षों में 4480 स्टॉल से 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया और उनका अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों और विभिन्न स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों से आभासी माध्यम से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से रक्षाबंधन के 15 दिन पहले ही मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव शुरू किया जाएगा। इसे पूरे पखवाड़े के रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आभासी माध्यम से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। महिलाओं ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों से उन्हें आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और नई पहचान दिलाने में भी सफल हो रही हैं।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से स्टॉलों से खरीदारी कर महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने का आ“वान किया। उन्होंने कहा कि यही स्थानीय के लिए मुखर होने की वास्तविक भावना है। स्थानीय उत्पादों को अपनाकर मातृशक्ति के परिश्रम और हुनर को सम्मान देने के साथ राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला है। प्रदेश की महिलाएं परिवार संभालने के साथ खेती, पशुपालन और विभिन्न आजीविका गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज वे अपने कौशल, परिश्रम और उद्यमशीलता के बल पर सफल उद्यमी के रूप में भी आगे बढ़ रही हैं। माताएं और बहनें अपने परिवारों को सशक्त बनाने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को देश के विकास का प्रमुख आधार बनाया गया है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद घर और गांव तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें व्यापक बाजार, उचित मूल्य और नई पहचान मिले। वर्तमान में प्रदेश में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं, जिनसे पांच लाख 20 हजार से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हैं। समूहों को मजबूती देने के लिए आठ हजार से अधिक ग्राम संगठन और 615 समूह स्तरीय महासंघ भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4480 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से करीब 12 करोड़ 50 लाख रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को अवसर और बाजार उपलब्ध होने पर वे आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए मजबूत विपणन व्यवस्था विकसित की जा रही है। प्रदेश में 49 विकास केंद्र, 17 सरस केंद्र, 33 सूक्ष्म पैकेजिंग इकाइयां और आठ बेकरी इकाइयां स्थापित की गई हैं। यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सचिवालय सहित विभिन्न स्थानों पर स्थायी बिक्री केंद्र और राज्य स्तरीय सरस मेलों के माध्यम से भी महिला समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश में तीन लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं। अब सशक्त बहना उत्सव का विस्तार कर इसे सशक्त बहना बाजार के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अîóों और होटल तथा रिसॉर्ट तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को स्थानीय से वैश्विक पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य और डिजिटल मंचों से भी जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, डिजिटल भुगतान और विपणन का प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है। महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों की दिशा में समान नागरिक संहिता लागू करना भी महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह तथा आभासी माध्यम से सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
