नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री, संयुक्त राष्ट्र भी राहत अभियान में जुटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर की बातचीत
काठमांडू। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने पड़ोसी देश की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर मुश्किल की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।भारत ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खडका राज पौडेल को सौंपी। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह सामग्री बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में उपयोगी होगी। भारत ने दोहराया कि वह संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र भी राहत अभियान में जुटा
नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बाढ़ के कारण कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।गुटेरेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।उन्होंने बताया कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र, सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में सहयोग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने तथा राहत कार्यों के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करने में जुटे हैं।
