बेनी मजार पर चला प्रशासन का बुलडोजर
हाईवे चौड़ीकरण और रेलवे विस्तारीकरण के लिए प्रशासन ने की कार्रवाई
किच्छा (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बरेली नैनीताल स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण और रेलवे लाइन के विस्तारीकरण के मार्ग में बाधा बन रही बेनी मजार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटा दिया गया। इस कार्रवाई के साथ ही हाईवे के विस्तारीकरण और विकास कार्यों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई अचानक नहीं थी। रेलवे और जिला प्रशासन द्वारा मजार संचालकों को काफी समय पहले ही नोटिस जारी कर इसे स्वयं हटाने या स्थानांतरित करने का समय दिया गया था। मजार संचालकों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण प्रशासन को अंततः शनिवार प्रातः जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि इससे दो दिन पूर्व ही लोक निर्माण विभाग और रेलवे की जद में आ रहे काली मंदिर की मूर्तियों को भी जिला प्रशासन ने पूरे सम्मान के साथ अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया था। उस समय भी मजार संचालकों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन अतिक्रमण न हटने की स्थिति में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार के गतिरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उप जिलाधिकारी गौरव पांडे, तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी, एसपी उत्तम सिंह नेगी और क्षेत्रधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न थानों से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ध्वस्तीकरण के समय बरेली नैनीताल हाईवे पर यातायात को पूर्णतः प्रतिबंधित रखा गया और वाहनों को रुद्रपुर व रामेश्वरपुर की ओर डायवर्ट किया गया। प्रातः 8ः00 बजे तक मजार हटाने का कार्य संपन्न होने के बाद हाईवे पर यातायात पुनः सुचारू कर दिया गया। मौके पर एहतियातन अभी भी पुलिस बल तैनात है। अपर जिला अधिकारी पंकज उपाध्याय ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इज्जतनगर रेलवे प्रशासन द्वारा इस अवैध संरचना को लेकर पूर्व में 26 मई 2023 और 18 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों के माध्यम से प्रबंधकों से भूमि संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा गया था, किंतु प्रबंधकों द्वारा न तो कोई मालिकाना हक के कागज दिखाए गए और न ही अतिक्रमण को स्वयं हटाया गया। इसके बाद रेलवे ने जिलाधिकारी को 25 अप्रैल 2026 को पत्र लिखकर पुलिस प्रशासन के सहयोग की अपेक्षा जताई थी। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के दिशा निर्देशों के बाद आज तड़के भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर रेलवे की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई बेनी मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। विगत कई वर्षों से नैनीताल बरेली हाईवे के चौड़ीकरण की योजना लंबित थी। क्षेत्र में औद्योगिक विकास की गति को देखते हुए सरकार द्वारा इसके लिए आवश्यक धनराशि भी जारी कर दी गई है और निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के अनुपालन में सड़क मार्ग में आ रहे सभी धार्मिक ढांचों और मजारों को या तो ध्वस्त किया जा रहा है या उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन की इस निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई से हाईवे चौड़ीकरण के कार्य में अब तेजी आने की उम्मीद है।
