October 29, 2026

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MBBS दाखिला फर्जीवाड़े में SIT की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार; अब तक 8 गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत अन्य कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला दिलाने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर और क्लेमेंटटाउन में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान इन आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर अपनी बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाने का आरोप है।

पांच साल से एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए दाखिले कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच में अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में SIT गठित की।

जांच में सामने आया कि पहले गिरफ्तार आरोपी रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ पिछले पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। वह मेरठ में ‘मेकोडो पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था। पुलिस का आरोप है कि इस कंपनी के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन लेकर दाखिले कराए जाते थे।

25 और 30 लाख रुपये देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बेटियों को MBBS में दाखिला दिलाने के लिए रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके बाद फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए।

SIT की जांच के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर एक आरोपी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया, जबकि दूसरे ने अपनी बेटी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया था। आरोप है कि दस्तावेज तैयार करवाने के बदले एक व्यक्ति ने 25 लाख रुपये और दूसरे ने 30 लाख रुपये दिए थे।

हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का भी मामला

पुलिस के अनुसार, तीसरे आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी के MBBS दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।

मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के रहने वाले हैं आरोपी

SIT ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासी बताए गए हैं। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

एसपी ग्रामीण जया बलूनी के मुताबिक, मामले की जांच SIT कर रही है और अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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