गैरसैंण में कांग्रेस का विधानसभा घेराव : अंकिता भंडारी हत्याकांड और महंगाई-बेरोजगारी पर भाजपा सरकार को घेरा
गैरसैंण। भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच किया। हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और पलायन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अनेक समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर अपेक्षित जवाबदेही नहीं दिखा रही है। इस दौरान सह प्रभारी मनोज यादव , चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत , CWC सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा , पूर्व विधायक मनोज रावत , मुकेश नेगी , दिनेश चौहान , देवेंद्र नौडियाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता को अब तक न्याय नहीं मिला है और कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों पर सरकार जनता को भ्रमित कर रही है। कांग्रेस ने मामले में पारदर्शी जांच और जनता के सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
पुलिस की बैरिकेडिंग पर जताई नाराजगी
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने पर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के लिहाज से अनुचित बताया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधानसभा घेराव में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी प्रदेश में व्याप्त जनसमस्याओं के प्रति लोगों की नाराजगी को दर्शाती है। उन्होंने 2027 में भाजपा सरकार की विदाई का दावा भी किया।
जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के अधिकारों, जनता के सम्मान और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी। नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और पलायन जैसे विषयों पर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस सदन से सड़क तक आवाज उठाती रहेगी।




