लव जिहाद की झांकी पर मुकदमे से भड़के भाजपाई, हंगामा
अपनी ही सरकार में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कोतवाली में हंगामा, नगर मंडल से पूर्व दर्जा राज्यमंत्री तक ने जताया विरोध
रामनगर (उद संवाददाता)। जन्माष्टमी के अवसर पर लगाई गई लव जिहाद की झांकी को लेकर रामनगर में सियासी घमासान तेज हो गया है। झांकी लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता राजू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की। खास बात यह रही कि विरोध प्रदर्शन में भाजपा के नगर और ग्रामीण मंडल के पदाधिकारियों के साथ पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष, किसान आयोग सदस्य और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री तक शामिल रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार के नेता सार्वजनिक मंचों से लव जिहाद जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे हैं, तो इसी विषय पर पार्टी के एक कार्यकर्ता की ओर से झांकी लगाए जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज किया गया। भाजपा नेताओं का कहना था कि प्रशासन की ओर से झांकी हटाने के लिए कहे जाने के बाद राजू रावत ने तत्काल प्रशासन के निर्देश का पालन करते हुए झांकी हटा दी थी। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज किया जाना कार्यकर्ताओं की समझ से परे है। मुकदमे की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, किसान आयोग सदस्य संजय डोर्वी, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्टð और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मेहरा समेत दर्जनों कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर राजू रावत ने झांकी लगाई थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन की ओर से जब झांकी हटाने के लिए कहा गया तो राजू रावत ने प्रशासन का सम्मान करते हुए करीब 15 मिनट के भीतर झांकी और स्टॉल हटा दिया। ऐसे में जब प्रशासन के निर्देश का पालन करते हुए झांकी हटा दी गई थी तो मामला वहीं समाप्त किया जा सकता था। इसके बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह सवाल खड़ा होता है। भूपेंद्र खाती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि झांकी में कुछ आपत्तिजनक था तो प्रशासन उसे हटवा सकता था और कार्यकर्ता ने उसे हटा भी दिया। इसके बाद मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर नैनीताल एसएसपी की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। उन्होंने झांकी को गलत नहीं माना और कहा कि कार्यकर्ता ने किसी निर्देश की अवहेलना नहीं की थी। पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्टð ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संगठन को मामले की जानकारी दिए बिना सीधे मुकदमा दर्ज किए जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उनका कहना था कि यदि झांकी में कोई आपत्तिजनक सामग्री थी तो पहले उसे हटवाया जा सकता था। संबंधित कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण लिया जा सकता था और आवश्यकता पड़ने पर माफीनामा भी लिया जा सकता था। भाजपा नगर महामंत्री नवीन करगेती ने पुलिस कार्रवाई पर सीधे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जब झांकी की जानकारी मिली तो राजू रावत को फोन किया गया और उन्होंने तत्काल अपनी झांकी तथा स्टॉल हटा दिया। इसके बावजूद रातों रात मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी जांच होनी चाहिए। देर रात तक भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली में मौजूद रहे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
