प्रतिभा को अवसर देना सरकार का संकल्पः धामी
पशुपालन और गन्ना विकास विभाग के 101 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित
देहरादून (उद संवाददाता)। उत्तराखंड में सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया के तहत पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के चयनित 101 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों में उत्साह नजर आया। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चयन तक का सफर उनके लिए संघर्ष और मेहनत का दौर था, लेकिन अब उनके जीवन में जनसेवा का नया अध्याय शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता अभ्यर्थियों की लगन, मेहनत के साथ माता पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति मिलना जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इसे अंतिम मंजिल नहीं माना जाना चाहिए। अब एक नया दौर शुरू हो रहा है, जिसे साधना का दौर कहा जा सकता है। इस दौरान नवनियुक्त कर्मचारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी और पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए स्वयं को साबित करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने का अवसर है। अभ्यर्थियों ने जिस संघर्ष और परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, अब उसी ऊर्जा और समर्पण के साथ उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था कुछ नया कर दिखाने का समय है। जीवन में अडिग रहकर काम करने की जरूरत है। यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति अडिग रहता है तो रास्ते में आने वाली चुनौतियां भी धीरे धीरे दूर होती जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी है। पिछले चार वर्षों में विभिन्न विभागों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जो प्रदेश में एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योग्य और मेहनती युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर मिले तथा किसी भी अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के कारण अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े। धामी ने कहा कि एक समय प्रदेश में नकल माफियाओं का बोलबाला था। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के कारण योग्य अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिर जाता था और प्रतिभा पीछे छूट जाती थी। सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया और नकल माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप भर्ती परीक्षाओं के प्रति युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा की प्रतिभा को अवसर मिले, उसकी मेहनत को सम्मान मिले और उसके सपनों को नई उड़ान मिले। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं से सरकार को उम्मीद है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करेंगे। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि सरकारी सेवा में आने के बाद उनके सामने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी होगी। दूरदराज के क्षेत्रें से आने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान अपने व्यवहार और कार्यशैली से ही कर्मचारी सरकार की कार्यप्रणाली की छवि जनता के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवा अब सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अपने अपने विभागों में कार्य करेंगे। इसलिए उनके लिए अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपने कार्यक्षेत्र में नई पहल करने और अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने का आ“वान किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
