‘दलित समाज की आवाज दबाने के बजाय सुनी जाए’ : यशपाल आर्य
यशपाल आर्य ने थाने में दी तहरीर, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर पुलिस थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके साथ विधायक सुमित हृदयेश और सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह मामला केवल एक कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दलित समाज और उन सभी लोगों के बीच गंभीर संदेश जाता है, जो दलितों के अधिकार और सम्मान की आवाज उठाते हैं।उन्होंने कहा कि यदि किसी समुदाय के साथ अन्याय, भेदभाव या उत्पीड़न का मुद्दा उठाना ही अपराध बना दिया जाए, तो सवाल केवल एक एफआईआर का नहीं रह जाता। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा प्रश्न बन जाता है।यशपाल आर्य ने कहा कि दलित समाज की आवाज को दबाने के बजाय उसकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को डराने या चुप कराने की कोशिश लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि एफआईआर का इस्तेमाल भय पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि कानून के तहत न्याय सुनिश्चित करने के लिए होना चाहिए।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान, समानता, न्याय और अपनी बात कहने के अधिकार की लड़ाई है।कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शुद्धिकरण प्रकरण के आरोपियों के खिलाफ तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि सामाजिक भेदभाव से जुड़े ऐसे मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

