राहुल गांधी पर एफआईआर को लेकर बयानबाजी तेज : कुमारी सैलजा बोलीं—यह भाजपा-आरएसएस की ‘दलित विरोधी और संविधान विरोधी सोच का उदाहरण’
हल्द्वानी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सार्वजनिक सभा हुई थी। कांग्रेस के मुताबिक, इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किया। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाए थे।29 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने भी कथित घटना की आलोचना की थी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की थी। कांग्रेस का कहना है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने भी संसद में इस घटना का उल्लेख करते हुए इसे छुआछूत की भावना से जोड़कर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को लेकर कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, तब उसके जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन राहुल गांधी ने जब इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई और कानूनी कार्रवाई की मांग की तो उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। सैलजा ने आरोप लगाया कि पहले कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम किया गया और बाद में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से उसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज होना महज संयोग नहीं है, बल्कि यह भाजपा-आरएसएस की कथित ‘दलित विरोधी और संविधान विरोधी’ सोच का गंभीर उदाहरण है।कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि मुकदमे या सत्ता के दबाव से राहुल गांधी और कांग्रेस पीछे हट जाएंगे।सैलजा ने कहा कि गांधी परिवार का देश के लिए त्याग और समर्पण का लंबा इतिहास रहा है और न तो एफआईआर और न ही सत्ता का दबाव कांग्रेस की आवाज को दबा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस कार्रवाई का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि दलित सम्मान, संविधान की रक्षा और कथित जातिवादी मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
