दलित उत्पीड़न और छुआछूत के मुद्दे पर राहुल गांधी का तीखा हमला: खरगे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर कार्रवाई की मांग
घड़ा छूने से लेकर घोड़े पर बारात निकालने तक कथित उत्पीड़न का जिक्र किया
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में दलित उत्पीड़न और छुआछूत के मामलों को लेकर भाजपा सरकार और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता की। राहुल गांधी ने दलित समाज से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दलितों के साथ जन्म से लेकर मृत्यु तक कई स्तरों पर भेदभाव और अपमान की घटनाएं सामने आती रहती हैं।राहुल गांधी ने कहा कि दलित व्यक्ति की आवाज जितनी बुलंद होती है, उस पर हमले का खतरा उतना ही बढ़ जाता है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े हल्द्वानी प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सभा के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि संविधान में छुआछूत को अपराध माना गया है। राहुल गांधी के अनुसार, घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही कार्रवाई की गई है। उन्होंने केंद्र और भाजपा से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के दलित समाज को भाजपा की कथित दलित विरोधी विचारधारा दिखाई दे रही है। उन्होंने मांग की कि मामले में एससी-एसटी कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय मिले। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी न्याय के लिए आगे की लड़ाई लड़ना जानती है।राहुल गांधी ने कहा कि देश को आजाद हुए करीब 80 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी कई स्थानों पर दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने घड़ा छूने, मूंछ रखने, मंदिर या मूर्ति छूने तथा घोड़े पर बारात निकालने जैसे मामलों में दलितों के साथ कथित उत्पीड़न का जिक्र किया।उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़े एक मंदिर प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को भी दिल्ली के एक मंदिर में अंदर तक जाने की अनुमति नहीं दी गई।
खरगे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद
राहुल गांधी ने हाल ही में हल्द्वानी में हुई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि सभा समाप्त होने के बाद उनके मंच का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया।उन्होंने कहा कि जब खरगे ने इस मामले को संसद में उठाया था, तब भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि भाजपा इस तरह की घटना को स्वीकार नहीं करती और यदि ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को जायज ठहराया। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि दलित समाज के सम्मान, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
