मुफ्ती की धमकी का नतीजा,हरिद्वार जिले में दो मदरसे हुए सील
मंगलौर में बिना मान्यता के चल रहे दो मदरसों पर धामी सरकार ने डाला ताला, पूरे उत्तराखंड में बंद किए जायेंगे अवैध मदरसे, शासन हुआ सख्त
देहरादून। रुद्रपुर में जश्न ए मोहम्मदी जुलूस के दौरान , मुस्लिम मुफ्तियों और उलेमाओं के भड़काऊ भाषण के बाद धामी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मदरसे बंद किए जाने को लेकर एक मुफ्ती मुजीब ने त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के खिलाफ बिगड़े बोल बोले थे जिसके खिलाफ दी गई तहरीर के बाद मुफ्ती को रामपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा था कि उत्तराखंड में मुल्लावादी सोच पनपने नहीं दी जाएगी। श्री धामी के सख्त रवैये का असर ये हुआ कि उत्तराखंड शासन और जिला प्रशासन ने , अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता न लेने मदरसों के खिलाफ सील बंदी की कार्रवाई शुरू कर दी है। हरिद्वार जिले में मंगलौर क्षेत्र में ऐसे दो मदरसों की बिल्डिंग को प्रशासन ने पुलिस दलबल को साथ लेजाकर सील कर लिया। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड समाप्त करते हुए सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को प्राधिकरण के अधीन संचालित करने का निर्णय लिया है। अब सभी मदरसों को अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नॉर्म्स पूरे करने पर ही मान्यता मिलेगी । इसी वजह से मदरसा संचालकों के द्वारा धामी सरकार के खिलाफ बिगड़े बोल बोले जा रहे है। जानकारी के मुताबिक नए नियमों के तहत सभी मदरसा संचालकों को भवन भूमि और आय के स्रोत की जानकारी भी देनी है। हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि मदरसा रोडवुड पब्लिक स्कूल और मदरसा तजबीदुल कुरान सितारजवी मंगलौर को सील किया गया है जबकि दो अन्य को सोमवार तक कागजात प्रस्तुत किए जाने का संयम दिया है। अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ पराग धकाते का कहना है कि पूरे राज्य में बिना प्राधिकरण के मान्यता के चलने वाले मदरसे बंद किए जाएंगे इस आशय के निर्देश सभी जिलों को दे दिए गए है।
