August 30, 2026

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारत-अमेरिका ने बढ़ाया राहत का हाथ, 752 लोगों की मौत, लापता लोगों की संख्या 3000 के पार

काठमांडो: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आपदा में अब तक 752 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,502 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत में लापता लोगों के आंकड़े को जोड़ने पर लापता लोगों की संख्या 3,000 के पार पहुंच जाती है। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक 8,730 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारत, अमेरिका समेत कई देश नेपाल सरकार के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, तकनीकी सहायता और बचाव दल उपलब्ध करा रहे हैं।

नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 219 लोगों को बचाया गया

तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे राज्य के 319 लोगों में से 219 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी 219 लोग 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंच जाएंगे।मंत्री ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर दिल्ली में रहकर नेपाल में फंसे तमिलनाडु के लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

अमेरिका ने नेपाल को दी 36 लाख डॉलर से अधिक की सहायता

काठमांडो स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार को बताया कि अमेरिका ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। इस सहायता में करीब 10,000 परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सहायता भी शामिल है।अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह नेपाल सरकार और मानवीय संगठनों के साथ मिलकर राहत सामग्री को प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा है। दूतावास ने यह भी कहा कि नेपाल और चीन स्थित अमेरिकी मिशन अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और आपदा राहत प्रयासों में सहयोग के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत से राहत सामग्री लेकर चौथा विमान काठमांडो पहुंचा

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारत से राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडो पहुंच गई है। इस विमान में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट समेत करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई है।राहत सामग्री के अलावा विमान में सुरंग खोज एवं बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी भेजे गए हैं। इसमें शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों के विश्लेषण में नेपाली अधिकारियों की मदद करने वाली फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है।भारतीय राजदूत ने भारत से पहुंची फोरेंसिक टीम से मुलाकात भी की। टीम आपदा में मारे गए लोगों की पहचान के लिए नेपाली अधिकारियों को तकनीकी सहायता देगी।

सात और बेली पुलों के लिए भेजे जाएंगे उपकरण

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि नेपाल में संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए भारत की ओर से भी मदद जारी है। 230 फुट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए जरूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं।इसके अलावा सात और बेली पुलों की स्थापना के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द नेपाल भेजे जाएंगे। इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी।

तिब्बत में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता

नेपाल से सटे तिब्बती क्षेत्र में भी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। चीन के अधिकारियों के मुताबिक, तिब्बत में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं। वहीं, तिब्बत में आपदा के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।लापता विदेशी नागरिकों में सबसे अधिक 104 नेपाल के, 49 भारत के, 33 लातविया के, 18 अमेरिका के और 15 ब्रिटेन के नागरिक बताए गए हैं। चीनी अधिकारियों ने संबंधित विदेशी दूतावासों को भी इस संबंध में सूचना दी है।

तिब्बत में लापता विदेशी नागरिकों का आंकड़ा

  • नेपाल: 104
  • भारत: 49
  • लातविया: 33
  • अमेरिका: 18
  • यूनाइटेड किंगडम: 15
  • कनाडा और ऑस्ट्रेलिया: 6-6
  • दक्षिण अफ्रीका: 4
  • रूस, मलेशिया और जर्मनी: 3-3
  • नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस और आयरलैंड: 2-2
  • फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन, हंगरी और कजाकिस्तान: 1-1

 

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