धामी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी: सहकारी नीति से लेकर ऊर्जा, स्वास्थ्य और उपनल कर्मियों के वेतन और अग्निवीरों के लिए अहम निर्णय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में सहकारिता, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास, सैनिक कल्याण और कार्मिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारी नीति-2026 प्रख्यापित किए जाने को मंजूरी दी। इसके साथ ही सरकारी सेवकों के वेतन मैट्रिक्स में संशोधन करते हुए जहां वेतन स्तर-15 और 16 अंकित हैं, वहां क्रमशः लेवल-14 और 15 पढ़े जाने का निर्णय लिया गया। ग्रीन सेस में छूट खत्म करने का फैसला: मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम के तहत मोटर वाहनों पर ग्रीन सेस की छूट समाप्त करने का निर्णय लिया। बैठक में कहा गया कि वर्तमान में हाईब्रिड और सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ रही है और इन वाहनों को मोटरयान कर में छूट दिए जाने से राज्य के राजस्व पर असर पड़ रहा है। ऐसे वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने की आवश्यकता जताई गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन: स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके माध्यम से दवाइयों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट्स की समयबद्ध अधिप्राप्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग के लिए वर्ष 2026 की नई सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई। वहीं, हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज की 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र , नई दिल्ली को 99 वर्ष की लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। कारागार और लोकायुक्त से जुड़े फैसले: कैबिनेट ने उप कारापाल के पदों पर पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक के आधार पर व्यवस्था किए जाने के लिए संबंधित संशोधन नियमावली को मंजूरी दी। लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए उपयुक्त नामों का पैनल तैयार करने वाली सर्च कमेटी के कार्यकलापों को निर्धारित करने के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति कार्यकलाप निर्धारण नियमावली-2026 तैयार किए जाने का निर्णय भी लिया गया।आबादी क्षेत्रों के आधुनिक सर्वेक्षण को मंजूरी: प्रदेश के राजस्व अभिलेखों में दर्ज आबादी क्षेत्रों में भूमि का आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण करने के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम देहरादून के काठबंगला में निर्मित 116 आवासों को रिस्पना नदी के किनारे स्थित मलिन बस्ती में रहने वाले नगर निगम द्वारा चयनित पात्र परिवारों को आवंटित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। यूयूएसडीए में 94 अस्थाई पदों का सृजन: राज्य के विभिन्न नगर निकायों में सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी ;यूयूएसडीएद्ध के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत कुल 94 अस्थाई गैर-संवर्गीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की दिशा में कदम: कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने पर सहमति जताई है। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित कर्मचारियों के संबंध में कार्यवाही चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मियों के संबंध में कार्यवाही शुरू की जाएगी। सरकार के अनुसार दूसरे चरण की कार्यवाही 9 नवंबर 2026 से और तीसरे चरण की कार्यवाही 1 अप्रैल 2027 से प्रारंभ की जाएगी। इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से पूर्व कार्यरत और वर्तमान में भी सेवा दे रहे उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया। अतिरिक्त उपनल कर्मियों के मामले में नियुक्ति तिथि के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। समायोजन अथवा अधिसंख्य पद सृजन के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित की जाएगी। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठः मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सेवामुक्त अग्निवीरों से जुड़े मामलों के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पद सृजित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। 1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी: ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी। बिजली की खरीद घ्5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए की जाएगी। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता होगी।कैबिनेट ने यूपीसीएल को अडानी पावर के साथ बिजली आपूर्ति समझौते और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने तथा आवश्यक नियामकीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया। शहीद सैनिकों की पैतृक गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं: बैठक में उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले को सैनिकों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थानीय स्तर पर स्थायी रूप से संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में सहकारिता, स्वास्थ्य सेवाओं, शहरी बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सुरक्षा, सैनिक कल्याण और संविदा कर्मियों से जुड़े मामलों में नई नीतिगत पहल को गति मिलने की उम्मीद है।
