धूमधाम से निकली टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा
मुख्यमंत्री धामी ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की
देहरादून (उद संवाददाता)। राजधानी देहरादून में बुधवार को भगवान टपकेश्वर महादेव की 26वीं भव्य शोभायात्रा धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। त्रयोदशी के अवसर पर आढ़त बाजार स्थित शिवाजी धर्मशाला से शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टपकेश्वर महादेव मंदिर के लिए रवाना हुई। सहारनपुर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। उन्होंने टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्ण गिरी महाराज और महंत दिगंबर भरत गिरी महाराज से आशीर्वाद लिया तथा पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महंत कृष्ण गिरी महाराज, दिगंबर भरत गिरी महाराज सहित देश विदेश से पहुंचे अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। महंत कृष्ण गिरी महाराज और दिगंबर भरत गिरी महाराज ने बताया कि इस बार शोभायात्रा को पहले से अधिक आकर्षक और भव्य स्वरूप देने के प्रयास किए गए हैं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे यात्रा मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। शोभायात्रा में श्री टपकेश्वर महादेव, श्री दूधेश्वर महादेव, श्री तपेश्वर महादेव, श्री देवेश्वर महादेव और ब्रह्मलीन महंत माया गिरि महाराज का डोला प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। डोलों के दर्शन के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान टपकेश्वर महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना दिया। शोभा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम जनता को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए सेवा दल के सेवादार पुलिस प्रशासन के साथ प्रत्येक चौराहे पर व्यवस्था संभालते नजर आए। यात्रा के गुजरने के बाद तत्काल सड़क की सफाई सुनिश्चित करने के लिए 50 50 लोगों की दो सफाई टीमें अलग अलग समय पर तैनात की गई थीं। स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दो एम्बुलेंस भी शोभायात्रा के साथ चलती रहीं। इनमें दो चिकित्सक और चार नर्स मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में एकता और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत से जुड़ती है। मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा के आयोजन से जुड़े संत महात्माओं, आयोजन समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि भगवान टपकेश्वर महादेव की कृपा प्रदेशवासियों पर बनी रहे और उत्तराखंड निरंतर प्रगति एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान टपकेश्वर महादेव के दर्शन कर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की।
