अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा के ड्रोन प्रोटोटाइप की सफल उड़ान, मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई
देहरादून/अल्मोड़ा। उत्तराखंड के युवा नवप्रवर्तक (इनोवेटर) और हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि टम्टा ने स्वदेशी तकनीक से विकसित व्यक्तिगत उड़ान वाहन (Personal Aerial Vehicle-PAV) ‘हपिडा स्काईनेक्स’ के प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।आर्मी हेलीपैड पर आयोजित परीक्षण के दौरान पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हपिडा स्काईनेक्स ने लगभग एक मिनट तक सफलतापूर्वक हवा में उड़ान भरी। परीक्षण के दौरान वाहन ने सुरक्षा, स्थिरता और संतुलन के मानकों पर संतोषजनक प्रदर्शन किया, जिसे भविष्य के व्यक्तिगत हवाई परिवहन (पर्सनल एयर ट्रांसपोर्टेशन) की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।रवि टम्टा का यह नवाचार उत्तराखंड में उभरती तकनीकी क्षमता और युवाओं की वैज्ञानिक सोच का उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी तकनीक पर आधारित ऐसे प्रयास देश में भविष्य के स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन समाधान विकसित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।इस उपलब्धि को लेकर प्रदेशभर में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी रवि टम्टा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि रवि टम्टा भविष्य में भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रवि टम्टा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अभिनव प्रयास न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि रवि टम्टा भविष्य में भी अपने नवाचारों के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने रवि टम्टा के उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं में नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे नवाचार उत्तराखंड को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
