सरकार और सीजेपी के बीच बैठक में आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सहमति: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला बाकी
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की। बैठक में सीजेपी नेताओं ने सरकार को अपनी लिखित मांगें सौंपते हुए आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।सीजेपी का कहना है कि नीट पेपर लीक के विरोध में उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर धरना और प्रदर्शन फिलहाल जारी रहेगा।इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर यह अनशन किया था। बैठक के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—नीट की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामले वापस लिए जाएं तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। रांका के अनुसार, सरकार ने मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर विचार करने के लिए अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है और दोनों पक्षों के बीच फिर से बैठक होगी। सीजेपी ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस मामले में निर्णय लेकर उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएगी।
