Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

विकास से कुछ लोगों की उड़ी नींद : मुख्यमंत्री ने बूम रेंज में 60 करोड़ के शारदा तटबंध कार्य का किया शुभारंभ

चंपावत (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत और टनकपुर में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से कुछ लोगों की नींद उड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने वाले लोगों ने विकास के बजाय अपनी जेबें भरने का काम किया, जबकि वर्तमान सरकार जनता के टैक्स के प्रत्येक रुपये का उपयोग विकास कार्यों पर कर रही है। उन्होंने कहा कि साफ नीयत हो तो विकास योजनाएं धरातल पर उतरती हैं। बूम रेंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शारदा तटबंध निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वह चंपावत में मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में आते हैं। यहां की जनता का स्नेह, विश्वास और अपनापन उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर केवल चंपावत का प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। शारदा नदी सदियों से इस क्षेत्र की जीवनरेखा रही है और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नदी के रौद्र रूप के कारण भू कटाव और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला शारदा तटबंध केवल सीमेंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। धामी ने कहा कि चंपावत उनकी कर्मभूमि ही नहीं, बल्कि उनका परिवार है। जिस प्रकार कोई पुत्र अपने घर को संवारने का प्रयास करता है, उसी भावना से वह चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टनकपुर में 122 करोड़ रुपये की पेयजल योजना, 237 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी, जौलजीबी मार्ग का निर्माण, पूर्णागिरि रोपवे, राजकीय पॉलिटेक्निक, राजस्व भवन, नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट, चंपावत में साइंस सेंटर तथा 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के दौरान पहली बार शारदा नदी में रात्रिकालीन राफ्टिंग का आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की सूची लंबी है। अनेक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई निर्माणाधीन हैं। आने वाले समय में भी कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे चंपावत को आदर्श जनपद बनाने का संकल्प शीघ्र पूरा होगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रदेश में देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। कांग्रेस शासनकाल में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं होती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 24 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि हरिद्वार भूमि घोटाले में शामिल आईएएस अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में जो भी व्यक्ति लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि में पुराने तौर तरीके अब नहीं चलेंगे और उत्तराखंड को स्वच्छ, सुरक्षित एवं विकसित राज्य बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन जन की सरकार, जन जन के द्वार अभियान किसी रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सबसे विकसित राज्य बनाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *