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डीएम भदौरिया देश के शीर्ष पांच जिलाधिकारियों में शामिल : फेम इंडिया रैंकिंग में जिम्मेदार श्रेणी में प्रथम स्थान

ऊधम सिंह नगर को दिलाई राष्ट्रीय पहचान
रुद्रपुर। प्रशासनिक सेवा में पद नहीं, बल्कि कार्यशैली पहचान बनाती है। जनता की समस्याओं को अपनी प्राथमिकता बनाना, योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल तक पहुंचाना और संकट की हर घड़ी में संवेदनशील नेतृत्व देना ही एक सफल जिलाधिकारी की असली कसौटी होती है। ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अपनी इसी कार्यशैली के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों में जगह बनाई है। कुछ समय पहले फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा जारी फ्सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026  की प्रारंभिक सूची में उत्तराखंड के पांच जिलाधिकारियों को देश के शीर्ष 100 अधिकारियों में स्थान मिला था। अब फेम इंडिया के अंतिम मूल्यांकन में नितिन सिंह भदौरिया ने एक और बड़ी छलांग लगाते हुए देश के शीर्ष पांच जिलाधिकारियों में स्थान प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, उन्हें ‘जिम्मेदार प्रशासन’ श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान देकर सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक सोच की जीत है जिसमें जनता केंद्र में होती है और शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होता है। फेम इंडिया द्वारा किए गए इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के लगभग 800 जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों का आकलन किया गया। प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, जवाबदेही, पारदर्शिता, नवाचार, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे अनेक मानकों के आधार पर रैंकिंग तैयार की गई। ऊधम सिंह नगर में अपने कार्यकाल के दौरान नितिन सिंह भदौरिया ने शिकायतों के त्वरित निस्तारण, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता दी। जनता और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्होंने कई नवाचारों को भी धरातल पर उतारा, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिला। उनके नेतृत्व में जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल हुईं। पीएम जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए ऊधम सिंह नगर को राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त हुआ। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रें में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनपद को दो रजत पदक भी मिले। यही उपलब्धियां आज राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान का आधार बनी हैं। उत्तराखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि हाल ही में राज्य के पांच जिलाधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था, लेकिन अंतिम रैंकिंग में नितिन सिंह भदौरिया का देश के शीर्ष पांच में पहुंचना यह साबित करता है कि जनहित, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में किए गए कार्यों को देशभर में गंभीरता से देखा और सम्मानित किया जाता है। प्रशासनिक हलकों में इस उपलब्धि को न केवल नितिन सिंह भदौरिया की व्यक्तिगत सफलता, बल्कि उत्तराखंड की सशक्त प्रशासनिक कार्यसंस्कृति और सुशासन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान आने वाले समय में अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा कि जनता के लिए किया गया ईमानदार और प्रभावी कार्य अंततः अपनी पहचान स्वयं बना लेता है।

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