दो भीषण सड़क हादसों में पांच की मौत,कई घायल
उत्तरकाशी/चमोली। उत्तराखंड में शुक्रवार देर शाम से शनिवार तड़के तक हुए दो भीषण सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। एक हादसा उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्र मार्ग पर हुआ, जहां महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की जान चली गई, जबकि दूसरा हादसा चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में हुआ, जहां एक वैन के खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत होने की सूचना है। पहला हादसा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेलगुगाड़ से लगभग 200 मीटर आगे गंगनानी की ओर शुक्रवार शाम हुआ। गंगोत्री से उत्तरकाशी लौट रही एक स्विफ्ट कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 80 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में चालक समेत पांच लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। दुर्घटना में महाराष्ट्र के नागपुर निवासी लक्ष्मी दामोदर रामटेककर (67) और दामोदर हरीराम रामटेककर (77) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों चारधाम यात्र पर आए हुए थे। वहीं विमल कुमार (61) और उपासना (54) निवासी भुवनेश्वर, ओडिशा तथा वाहन चालक यशवीर (35) निवासी पंजाब घायल हो गए। घायलों को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इधर, शनिवार तड़के चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में एक और दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े तीन बजे देहरादून से देवाल के वाक गांव जा रही एक वैन ल्वाणी गांव के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में तीन लोगों की मौत तथा तीन अन्य के घायल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि ग्राम बांक लोहागंज निवासी बलबीर सिंह अपने पारिवारिक सदस्य स्वर्गीय भजन सिंह का पार्थिव शरीर देहरादून से गांव ला रहे थे, वाहन में परिवार के अन्य सदस्य भी सवार थे, ल्वाणी के जंगल क्षेत्र में पहुंचने पर इको वैन अचानक नियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना में 52 वर्षीय बलबीर सिंह, उनकी पत्नी 48 वर्षीय शांति देवी, 18 वर्षीय पुत्र आंशु बिष्ट, की मौके पर ही मौत हो गयी। वही 32 वर्षीय कविता देवी, 8 वर्षीय मयंक सिंह, और 18 वर्षीय रोशनी गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। दो दिनों के भीतर हुए इन हादसों ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
