बेटे पर लगे आरोपों के बाद भावुक हुए विधायक पांडे, जांच की मांग
रुद्रपुर । काशीपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रशिक्षण वर्ग की बैठक के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे का भावुक बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पुत्र अतुल पांडे पर जमीन धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए विधायक ने खुद को ‘अपराधी’ बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनके परिवार पर लगे आरोपों का सच सामने नहीं आता, वे चौन से नहीं बैठेंगे।विधायक अरविंद पांडे ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस प्रकरण की जांच आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों से कराई जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मामले की तह तक जाने के लिए दोनों पक्षों का पॉलीग्राफ और नार्काे टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने भावुक होकर कहा कि एक विधायक होने के नाते उन पर लगने वाले आरोप पूरी पार्टी की छवि को प्रभावित करते हैं। यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो वे पार्टी पर बोझ बनकर नहीं रहना चाहते, क्योंकि वे राजनीति में पद के लिए नहीं बल्कि इंसानियत की सेवा के लिए आए हैं। इस दौरान अरविंद पांडे ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर अपनी छवि के घमंड में निर्दाेष युवाओं को परेशान करने और उन्हें गलत दिशा में धकेलने का आरोप लगाया। काशीपुर की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने वर्तमान राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि आज कई नेता केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं, जबकि वे अपने सिद्धांतों और मूल्यों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। भाजपा की इस महत्वपूर्ण बैठक में दिए गए इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
