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गंगा स्नान के दौरान डूबने से दो दोस्तों की मौत

दूधिया बंध क्षेत्र के प्रतिबंधित घाट पर पैर फिसलने से गहरे पानी में समाए दोनों युवक
हरिद्वार (उद संवाददाता)। धर्मनगरी हरिद्वार में रविवार तड़के गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आए दो सगे दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। दोनों युवक अपने परिवारों के साथ सुबह-सुबह गंगा स्नान के लिए निकले थे, तभी अचानक पैर फिसलने के कारण वे तेज बहाव की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही जल पुलिस और कोतवाली पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद किए। प्राप्त विवरण के अनुसार, गाजियाबाद के राजनगर और राजनगर एक्सटेंशन निवासी दो परिवार शनिवार देर रात बस के जरिए हरिद्वार पहुंचे थे। रविवार तड़के करीब 4 बजे दोनों परिवारों के सदस्य हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत दूधिया बंध क्षेत्र में गंगा स्नान के लिए गए। मृतकों की पहचान बृजेश कुमार त्रिपाठी (43 वर्ष) और सचिन त्यागी (39 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस स्थान पर बृजेश और सचिन स्नान कर रहे थे, वहां पहले घाट हुआ करता था, लेकिन वर्तमान में अत्यधिक मिट्टðी जमा होने के कारण घाट का स्वरूप बदल चुका है। मिट्टðी के जमाव के कारण आगे का हिस्सा अचानक बहुत गहरा और खतरनाक हो गया है। स्नान के दौरान अचानक एक का पैर फिसला और उसे बचाने के चक्कर में दूसरा भी गहरे पानी में समा गया। घटना के तुरंत बाद 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और जल पुलिस की टीमें गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचीं। गंगा की उफनती लहरों के बीच करीब सवा घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अंततः गोताखोरों ने गंगा की गहराई से दोनों दोस्तों के शवों को बाहर निकाला। अपनी आंखों के सामने अपनों को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि जिस दूधिया बंध क्षेत्र में यह हादसा हुआ, वह स्थान बेहद खतरनाक और गहरा है। प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित किया गया है और यहां स्नान करना वर्जित है। बावजूद इसके, जानकारी के अभाव में पर्यटक वहां पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित और चिह्नित घाटों पर ही स्नान करें और गहरे पानी की ओर न जाएं।

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