हरक सिंह रावत के पुराने किस्से और आरोपों से मचा घमासान : बीजेपी के कई नेताओं की पत्नियों ने कभी उनके लिए स्टोव पर बनाए थे परांठे !
हरक सिंह रावत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल : “मैं सबको जानता हूँ , एक नाम बोल दो, सब बता दूँगा”
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत के ताज़ा बयानों ने उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर नई हलचल पैदा कर दी है। रावत ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कई पुराने किस्से और आरोप सार्वजनिक किए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। रावत ने दावा किया कि रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत, त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई नेताओं के घरों से उनका पुराना परिचय है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की पत्नियों ने कभी उनके लिए स्टोव पर परांठे बनाए थे, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद तेज हो गया है। इसी दौरान रावत ने तीरथ सिंह रावत की पढ़ाई को लेकर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि उन्होंने ही तीरथ के जर्नलिज़्म डिप्लोमा में एडमिशन कराने में मदद की थी, लेकिन परीक्षा में सहायता न कर पाने के कारण वह असफल हो गए। उन्होंने अजय भट्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि रानीखेत में उनके परिचित मोहन सिंह रावत के घर में अजय भट्ट की पत्नी द्वारा बनाए गए परांठों का उन्होंने स्वाद लिया था। खानन घोटाले को लेकर भी रावत ने सरकार पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, धामी सरकार में रिपोर्ट पेश होने के तुरंत बाद हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलाधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन उसी दिन खनन पट्टे जारी कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला धन सिंह रावत की जमीन से संबंधित विवाद जैसा ही है।इसी क्रम में रावत ने मिनाक्षी सुंदरम का नाम लेते हुए कहा कि “तीन–चार साल के पट्टे दस साल के कर दिए जाते थे।” उनकी यह पूरी बातचीत कांग्रेस कार्यालय में मीडिया वार्ता के दौरान रिकॉर्ड हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि उत्तराखंड में महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाएँ बढ़ रही हैं और खनन में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2027 के चुनावों से पहले जनता के बीच जाकर “सच्चाई उजागर करेगी” और हर हाल में भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाएगा। बीजेपी की ओर से उनकी टिप्पणियों पर अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक पंडितों का कहना है कि रावत के इन बयानों से आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और गरमाने की संभावना है।
