February 13, 2026

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रजत जयंती पर देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड में सीएम धामी ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने किया परेड का निरीक्षण
देहरादून(उद संवाददाता)। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर शुक्रवार को देहरादून पुलिस लाइन में भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने परेड का निरीक्षण किया तथा पुलिस बल और अन्य दलों की सलामी ली। परेड में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट-गाइड और सांस्कृतिक दलों ने अनुशासन और समर्पण का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की। कार्यक्रम में उपस्थित डीजीपी दीपम सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि आने वाले वर्षों में अपने राज्य को आदर्श के शिखर पर पहुंचाएं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखंड की यह 25 वर्ष की यात्र अनेक चुनौतियों और उपलब्धियों से भरी रही है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने परेड में शामिल सभी पुलिस कर्मियों, एनसीसी कैडेट्स, होमगार्ड्स और सांस्कृतिक दलों की शानदार प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड ने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए एक सशक्त राज्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। चारधाम यात्र, कांवड़ यात्र और कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के साथ राज्य के तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इन परिस्थितियों में राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने इन सभी परिस्थितियों में अद्वितीय सेवा भावना और अनुशासन का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय सीमाओं से लेकर मैदानी इलाकों तक, तीर्थ यात्रओं की भीड़ से लेकर आपदाओं की कठिन घड़ियों तक, उत्तराखंड पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि फ्सेवा परमो धर्मय् केवल उनका आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि उनके जीवन का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में महिला अपराधों के निस्तारण में उत्तराखंड पुलिस ने राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है। गृह मंत्रलय द्वारा जारी रिपोर्ट में महिला अपराध अधिनियम से संबंधित मामलों के निस्तारण में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा। साथ ही प्रदेश के चार गाँव जल, हरसिल, गंजी और सूफी -को देशभर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। ड्रग्स फ्ी देवभूमि अभियान के अंतर्गत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों, धौरे और नालों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए विशेष संवर्धन योजना शुरू की जाएगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्रओं के कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज शुरू किए जाएंगे तथा सिविल सेवा, बैंकिंग, मैनेजमेंट और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मानसखंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर केदारखंड मंदिर माला मिशन का विकास किया जाएगा। आदर्श चंपावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का भी विकास किया जाएगा। पूर्णागिरि, शारदा कॉरिडोर, आदि कैलाश, अंजनीसेन और बेला केदार क्षेत्रें को स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज के लिए विशेष क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग निःशुल्क की जाएगी राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होकर अपनी विशेष पहचान स्थापित की है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं, जिससे बल की दक्षता में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस ने जनता से संवाद और विश्वास का मजबूत सेतु बनाया है। राज्यपाल ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्र केवल चारधाम राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब उत्तराखंड वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी प्रसिद्ध हो रहा है। उन्होंने जल, जंगल और पहाड़ के संरक्षण में महिलाओं की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना की और कहा कि राज्य की मातृशक्ति स्वावलंबन, खेल, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्रें में अग्रणी भूमिका निभा रही है। राज्यपाल ने युवाओं से आ“वान किया कि वे तकनीक की भाषा समझें और डिजिटल भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना देश की प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसी मार्ग पर चलकर उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जा सकता है।


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