एससीओ ने की पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा : हमलों के अपराधियों, योजनाकारों और समर्थकों को सजा मिलनी चाहिए
नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की सोमवार को कड़ी निंदा की और भारत के इस रुख से सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का ‘दोहरा मापदंड’ स्वीकार नहीं किया जा सकता। एससीओ के संयुक्त घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई। यह घोषणापत्र चीन के तटीय शहर तियानजिन में दो दिन तक चले वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंत में जारी किया गया। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुति और कई अन्य वैश्विक नेताओं ने हिस्सा लिया। एससीओ के सदस्य देशों ने इस्राइल की ओर से गाजा पर किए हमलों की भी निंदा की, क्योंकि इन हमलों में बड़े पैमाने पर आम नागरिकों की मौत हुई है और गाजा पट्टी में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। संयुक्त घोषणापत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों का जिक्र किया गया और आतंकवाद से निपटने को एक बड़ी चुनौती बताया गया। घोषणापत्र में कहा गया, सदस्य देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। एससीओ के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में खुझदार और जाफर एक्सप्रेस पर हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की। घोषणापत्र में आगे कहा गया, उन्होंने (सदस्य देशों ने) मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। साथ ही यह भी कहा कि ऐसे हमलों के अपराधियों, योजनाकारों और समर्थकों को सजा मिलनी चाहिए।
