देर रात तक फरियादियों से मिल धामी ने जीता जनता का दिल
मुख्यमंत्री धामी की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता ने जनता के बीच कायम किया अपनत्व का रिश्ता
(उत्तरांचल दर्पण ब्यूरो)
खटीमा। उत्तराखण्ड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रदेश की जनता के दिलों में एक ऐसे जननायक के रूप में स्थापित हो चुके हैं, जो न केवल शासन-प्रशासन की सर्वात्तम कार्यशैली का परिचायक है बल्कि आमजन की उम्मीदों के सच्चे संरक्षक भी हैं।रविवार को खटीमा स्थित मुख्यमंत्री आवास एवं लोहियाहेड कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री धामी ने देर रात तक जनप्रतिनिधियों व आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। समय अधिक हो जाने के बावजूद उन्होंने हर फरियादी से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उनकी इस शैली ने यह साबित कर दिया कि वे केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में सदैव साथ खड़े रहने वाले सच्चे सेवक हैं।जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई आज इस बात को स्वीकार कर रहा है कि पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के अब तक के सबसे सक्रिय और जनहितैषी मुख्यमंत्री हैं। जहां अन्य नेता अक्सर जनता से दूरी बना लेते हैं, वहीं धामी ने खुद को हर वर्ग की आवाज के रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता ने जनता के बीच विश्वास और अपनत्व का ऐसा रिश्ता कायम किया है, जो उत्तराखण्ड की राजनीति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कपूर, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री फरजाना बेगम, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष गुंजन सुखीजा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष प्राधिकरण जयकिशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी कौस्तव मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।जनता की समस्याओं को सुनने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की यह कार्यशैली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विशिष्ट बनाती है। उनकी यह संवेदनशील पहल निश्चित ही प्रदेश कोसुशासन, विकास और जन कल्याण की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।




