कदली वृक्ष लेने पहुंची मां नंदाः कोट भ्रामरी मेला शुरू
गरुड।कोट भ्रामरी मेले की अष्टमी में कदली वृक्ष पूजन और कदली के तने से नंदा की मूर्ति बनाने की सदियों पुरानी परंपरा का आज मवई ग्राम में निर्वहन किया गया। नंदा देवी के देव डांगर अपने सेवक छुरमुल देव के साथ गाजे बाजे, निशान और जागर गायकों तथा सैकड़ों भक्तों के साथ मवाई गांव पहुंची। प्राचीन मान्यता के अनुसार नंदा देवी असुर से सुरक्षा हेतु मवई गांव में कदली वृक्ष के पीछे छुप गई थी, पेड़ हिला तो असुर को पता चल गया। तब से मवई ग्राम के कदली वृक्ष को काटने की परम्परा है। मवई ग्राम के परिहार लोग देवी की अगुवाई स्वागत करते हैं। इस अवसर पर दर्जाराज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा, ज्येष्ठ प्रमुख नंदन थापा, जिपं सदस्य जनार्दन लोहनी, भाजपा जिला महामंन्त्री घनश्याम जोशी, कमलेश परिहार, हरीश रावत,बलवंत भंडारी, दिवान सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान राजेंद्र नेगी, सदस्य क्षेत्र पंचायत देवेन्द्र गोस्वामी, सदस्य क्षेत्र पंचायत दयाल काला, पूरन रावत, आदि मौजूद रहे।
