August 31, 2026

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गृहमंत्री अमित शाह ने कहाः आतंकवाद का करेंगे जड़ से सफाया,अमृतकाल में कानून व्यवस्था बेहतर हुई

देहरादून(उद संवाददाता)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में 49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस के उपयोग, CCTNS / ICJS की भूमिका और IPC/CRPC ब्तच्ब् तथा vidence Act को बदलने वाले तीन नए कानूनों से भारत का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम अमृतकाल में एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। काउन्टर टेररिज्म के एप्रोच में जीरो टॉलरेंस की नीति से आगे बढ़ जीरो टॉलरेंस स्ट्रेटजी और जीरो टॉलरेंस एक्शन को अपनाकर आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने का समय आ गया है। गृह मंत्रालय ने देश में कानून-व्यस्था को और सुदृढ़ करने के अनेक परिवर्तन किए हैं, अमृतकाल में इन परिवर्तनों को जमीन पर उतार कर इनका सुफल देश को देने का समय है। देश के युवा पुलिस ऑफिसर्स देश के क्रिटिकल इनफ्रास्टक्चर की सुरक्षा, राज्यों में साइबर सुरक्षा का ऑडिट, सोशल मीडिया और वीजा की लगातार मॉनिटरिंग जैसे नए विषयों पर काम करें। Policing in Amrit Kaal थीम पर आयोजित हो रही पुलिस साइंस कांग्रेस में 5जी युग में पुलिस व्यवस्था, नारकोटिक्सः एक अभूतपूर्व दृष्टिकोण, पुलिस और सीएपीएफ के बीच समन्वय, आंतरिक सुरक्षा और सोशल मीडिया की चुनौतियां, और सामुदायिक पुलिसिंग विषयों पर मंथन हो रहा है। ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन काल में तीनों हॉट स्पॉट जम्मू कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट और वामपंथी उग्रवादी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। यूपीए के नौ साल में इन तीनों हॉटस्पॉट में 33200 हिंसक घटनाएं हुई थी। जबकि 2014 से अब तक इन तीनों हॉट स्पॉट में 12358 घटनाएं ही हुई हैं। एफआरआई में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस में शाह ने कहा कि कुल सुरक्षा कर्मियों की मौत 11947 के सापेक्ष एनडीए शासन काल में 3240 ही हुई हैं। आने वाले पांच साल में और काम किए जाएंगे। कहा कि अंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा ठीक किए बिना कोई भी देश विकास नहीं कर सकता। विकास के सारे पैमानों की पहली शर्त है कि कानून और व्यवस्था की स्थिति ठीक हो।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एफ.आर.आई देहरादून में केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी करने का अवसर इस बार उत्तराखण्ड को मिला, यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आगामी 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके लिए हर क्षेत्र में प्रगति करना जरूरी है। इसलिए पुलिस बलों की क्षमता के विकास हेतु इस प्रकार के आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि पुलिस बल को तकनीकी व मानसिक दक्षता के साथ उन्नत तकनीकी तथा सक्षम माध्यमों से सुसज्जित रहने की आवश्यकता है। इसके लिए गृहमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस पुलिस कांग्रेस में व्यापक विचार-विमर्श और सार्थक चर्चाओं द्वारा पुलिसिंग तथा आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त साइबर सिक्योरिटी व डाटा चोरी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने साइबर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए ई-सुविधा, मामलों के त्वरित निस्तारण पर बल देने के साथ ही जन जागरूकता अभियानों से जनता को सचेत भी किया है। पुलिस ने विभिन्न एप्लिकेशन्स लॉन्च किए हैं, जिनके द्वारा प्रभावी पुलिसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री ने पिछली बैठक में आतंकवाद पर प्रहार करने का आ“वान करते हुए राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा नीति बनाए जाने की बात कही थी। उनके नेतृत्व में आज देश में आतंकवाद का सफाया हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुझाव दिया कि वनों की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को भी अत्याधुनिक शस्त्र चलाने तथा अर्द्धसैनिक बलों की भांति प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस को और अधिक आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करना होगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आवश्यक नई तकनीकों के संबंध में भी इस कांग्रेस में विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग को अपने साथ जोड़कर समय-समय पर राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा हेतु सुझावों का आदान-प्रदान करने की भी आवश्यकता है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, श्री सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा समेत विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

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