October 22, 2026

Uttaranchal Darpan

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नरेश जोशी
रुद्रपुर । किच्छा के भंगा गांव की एक महिला सरकारी व्यवस्था की भेंट चढ़ गई। जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का इतना बुरा हाल है कि महिला के इलाज को लेकर एक एक गरीब परिवार पूरी रात इधर से उधर भागता रहा किंतु सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवाओं की घोर लापरवाही के कारण एक गरीब महिला की मौत हो गई। पूरा मामला रविवार रात का है किच्छा के भगा गांव निवासी 29 वर्षीय महिला पार्वती की प्लेटलेस्ट एकाएक कम हो गई जिसके चलते महिला को किच्छा से जिला अस्पताल रुद्रपुर भेज दिया गया रात तकरीबन 10ः30 बजे जिला अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने सुविधाएं नहीं होने का हवाला देते हुए महिला के परिजनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि यह निर्धन परिवार बीमार पार्वती को लेकर रुद्रपुर के निजी अस्पताल पहुंचा जहां मरीज के परिजनों ने अपने गरीबी की दुहाई देते हुए आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज करने की बात कही। मृतक पार्वती के परिजनों का आरोप है कि वहां स्टाफ द्वारा 10,000 रुपये तत्काल जमा करने और अलग रूम का खर्चा देने की बात कही गई गरीबी से जूझ रहे बीमार पार्वती के परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ से गरीबी का दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि पार्वती का इलाज केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त किया जाना चाहिए। पार्वती के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी और आयुष्मान भारत की योजना को लेकर कहा कि उनके यहां इस प्रकार की कोई सुविधा नहीं है जिसके बाद पार्वती के परिजन फिर उसको लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए मृतक पार्वती के परिवार वालों की माने तो जिला अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी जाने की राय दे दी। जिला अस्पताल के सिस्टम की हालत इतनी खराब है कि इस गरीब परिवार को एक एंबुलेंस तक नहीं दी गई जब इसकी सूचना कुछ लोगों को मिली तो किसी ने अपना निजी वाहन पार्वती के परिजनों को दे दिया जिसके बाद बीमार पार्वती को सुशीला तिवारी हल्द्वानी ले जाया गया। यहां पर बेहद दुख की बात यह है कि पार्वती के परिजनों को यह नहीं बताया गया था कि हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल मे कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है जिसके बाद यह गरीब परिवार बीमार पार्वती को लेकर वापस जिला अस्पताल रुद्रपुर आ गया देर रात यह मामला किच्छा विधायक राजेश शुक्ला की जानकारी में आया उन्होंने जिला अस्पताल के चिकित्सकों से बात की तब जाकर सुबह लगभग 4बजे बीमार पार्वती को भर्ती किया गया किंतु बेहद अफसोस की बात है कि जिला अस्पताल के खराब और लापरवाह स्वास्थ्य सिस्टम की भेंट एक गरीब की बलि चढ़ गई।

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