डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का निरीक्षण, 52 किमी पैदल चलकर परखी सुरक्षा व्यवस्था
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे के नेतृत्व में प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों की टीम ने खाती गांव से पिंडारी ग्लेशियर जीरो पॉइंट तक लगभग 52 किलोमीटर के पैदल ट्रेक का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रेक मार्ग की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।खाती गांव से पिंडारी ग्लेशियर जीरो पॉइंट तक की दूरी लगभग 26 किलोमीटर एक तरफ है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग के संवेदनशील और खतरनाक स्थलों का निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रेक मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि पर्यटकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों से लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रेक पर मौजूद पर्यटकों से संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर ट्रेकिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन के विकास से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रिंगाल से बने पर्यावरण-अनुकूल साइनबोर्ड तैयार कराने के निर्देश भी दिए गए।
ट्रेक मार्ग का तैयार होगा विस्तृत मैनुअल
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कपकोट को पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का विस्तृत मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें ट्रेक मार्ग, प्रमुख पड़ावों, उपलब्ध संसाधनों और आपदा की स्थिति में उपयोगी जानकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को यात्रा के दौरान आवश्यक जानकारी मिल सके और आपात परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।इसके अलावा सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रेक मार्गों का तकनीकी निरीक्षण करने तथा वहां सुरक्षा एवं आवागमन को सुगम बनाने के लिए जरूरी कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
साहसिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित होगा बागेश्वर
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने कहा कि ट्रेकिंग मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बागेश्वर जिले को साहसिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करना और पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देना है।प्रशासन की इस पहल से पिंडारी सहित अन्य ग्लेशियर ट्रेक मार्गों पर पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।



