पुलिस के 1600 रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्तीः पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम ने की कई घोषणाएं
थानों का बजट चार करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ करने का ऐलान
देहरादून (उद संवाददाता)। पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने, थानों के बजट में बढ़ोतरी करने और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का विस्तार करने की घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है। नशा समाज की नींव कमजोर करने के साथ युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। पुलिस को नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के साथ साइबर अपराधियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस होना होगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के विभिन्न विंग में रिक्त पड़े 1600 पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। थानों को मिलने वाली धनराशि चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये की जाएगी। इससे थानों की आवश्यकताओं और दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। पुलिस थानों में उपलब्ध बल की समीक्षा कर जरूरत के अनुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। अपराधों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। पुलिस मॉडर्न स्कूल को उन्नत करने के साथ देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का भी उन्नयन किया जाएगा, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ नशे के कारोबार, साइबर अपराध और अन्य चुनौतियों से निपटना भी पुलिस के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। वहीं, साइबर अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों के कार्यभार और मानसिक तनाव का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर लोगों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। कानून व्यवस्था से लेकर डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण तक कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले पुलिसकर्मियों का तनाव कम करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे बेहतर मानसिक स्थिति में अपने दायित्व निभा सकें। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिसकर्मियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने दिन रात मेहनत कर व्यवस्थाएं संभालीं। उनकी सतर्कता, परिश्रम और सेवा भावना से श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सहायता मिली तथा देशभर में देवभूमि उत्तराखंड का मान बढ़ा। मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को याद करते हुए कहा कि उनका त्याग, साहस और समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक शहीद केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव होता है। पुलिसकर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर परिवार से दूर रहकर डड्ढूटी करना भी उनके समर्पण का उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद निरीक्षक धर्मेंद्र मलिक की पत्नी सुनीता और शहीद उप निरीक्षक विनोद पंवार की पत्नी नीलम को सम्मानित किया। इस अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।


