अलग अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में नौ की मौत
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। क्षेत्र में अलग अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में एक महिला सहित नौं लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सभी शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाये। जानकारी के अनुसार मोतीपुर वार्ड 2 दिनेशपुर निवासी दो दोस्त 20 वर्षीय सुजल मालाकार पुत्र सुबल मालाकार व 21 वर्षीय समीर मंडल पुत्र सहदेव मोटर साईकिल पर सवार होकर काम से जरहे थे ।जब वह किच्छा मार्ग पर तुलसी द्वार के पास पहुंचे तो अचानक सामने आये मवेशी को बचाने के प्रयास में उनकी बाईक असंतुलित होकर डिवाडर से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। दोनों को उपचार के लिए चिकित्सालय ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।सुजल पढ़ाई करता था जबकि समीर सिडकुल की कम्पनी में काम करता था। वहीं मूल रूप से पंजाब निवासी वर्तमान में मॉडल कालोनी में रहने वाली 43 वर्षीय गुरमीत कौर अपने पति बलजीत सिंह के साथ बाईक पर सवार होकर दशहरा मेला देखकर ओमेक्स से वापस लौट रहे थे। गाबा चौक पर सामने आती अन्य मोटरसाईकिल से उनकी भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में दोनों को गंभीर चोटें आ गई। दोनों को उपचार के लिए चिकित्सालय ले जाया गया जहां गुरमीत कौर ने दम तोड़ दिया। बलजीत सिंह सिडकुल की कम्पनी में काम करते हैं। इधर दिनेशपुर निवासी 28 वर्षीय दिशांत सरकार पुत्र रंजीत सरकार को बाईक सवार युवक ने दिनेशपुर रोड़ पर टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे उपचार के लिए चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं शांतिपुरी निवासी 55 वर्षीय नरीराम पुत्र भवानीराम खेती बाड़ी का काम करता था। उसे खामिया नम्बर 4 के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौत हों गई।इधर डालचन्द पंडा केलाखेड़ा निवासी 30 वर्षीय रघुवीर पुत्र मूल चन्द को अज्ञात वाहन ने मोतियापुर तिराहा पर टक्कर माकर झघायल कर दिया। इस दुर्घटना में रघुवीर की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त अन्य दुर्घनाओं में तीन अन्य लोगों की भी मौत हो गई।
11 शव पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस,शोक में डूबे लोग
रुद्रपुर। अलग अलग दुर्घटनाओं में रुद्रपुर एवं किच्छा क्षेत्र के 11 लोगों की असामयिक मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। पहली बार पोस्टमार्टम हाउस में एक साथ 11 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो हर कोई गमगीन हो गया। तमाम जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया।


