August 31, 2026

Uttaranchal Darpan

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मनोज श्रीवास्तव
काशीपुर। लाॅकडाउन में शराब ना मिलने से तलबगारों की पेशानी पर बल देखे जा रहे हैं। ऐसे में मनमाने रेट पर बिक रही तस्करी की ब्लैक हाॅर्स मार्का शराब यहां डूबते में तिनके का सहारा बनी है। वही फार्म स्काॅच ( कच्ची) के दाम भी आसमान छूते बताए जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि कोविड-19 के खतरनाक संक्रमण से बचाव को लेकर चल रहे 21 दिनों के लाॅक डाउन में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मंडराए खतरे के बीच शराब ना मिलने के कारण तलबगारों को बुरी तरह बेचैन कर दिया है। हलक तर करने के चक्कर में वह कोई भी जोखिम उठाने को तैयार देखे जा रहे हैं। इन सबके बीच मौके का फायदा शराब तस्कर उठाते बताए गए। जानकारों की मानें तो इलाके में खुफिया अîóों से तस्करी व कच्ची शराब की जमकर बिक्री की जा रही है। मजे की बात तो यह है कि लाॅकडाउन में होम डिलीवरी के मानिंद फोन पर शराब तस्कर ग्राहक को सप्लाई मौके पर दे रहे हैं। हरियाणा मार्का ब्लैक हाॅर्स की बोतल 500 से 600 की बेची जा रही है तो वही 60 से 100 रुपए प्रति बोतल बिकने वाली कच्ची शराब को दोगुने से भी अधिक रेट पर बेचा जा रहा है। कमोवेश ऐसा ही कुछ हाल देशी पिकनिक मार्का का भी है। यानी विषम परिस्थितियों में भी जाम लगातार छलकाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पुराने शराब के ठेकों की शराब बेचने की अवधि 31 मार्च को खत्म हो चुकी है लेकिन लाॅक डाउन के कारण नए ठेके नहीं हो पाए। सूत्रों का कहना है कि दुकानों में बंद शराब की खुफिया रास्तों से खपत की जा रही है। लाॅक डाउन में में पसंदीदा सभी ब्रांड मिल जाएंगी फर्क इतना है कि निर्धारित दर से अधिक देना होगा। इस पूरे गोरखधंधे में काबिले गौर बात यह है कि शराब तस्कर कानून से आंख मिचोली कर चांदी काट रहे हैं लेकिन पुलिस अथवा आबकारी के हाथ इनकी गर्दन तक नहीं पहुंच पा रहे। हालांकि लाॅक डाउन के बीच मुस्तैद पुलिस ने शराब की तस्करी में लिप्त कुछ लोगों को दबोचकर उनके खिलाफ कार्यवाही की लेकिन बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे करना आज भी चुनौतीपूर्ण है।

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