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अनियंत्रित हो चुके ई रिक्शा बने जी का जंजाल

रूद्रपुर,(उद संवाददाता)। शहर में अनियंत्रित हो चुके ई रिक्शा जी का जंजाल बन चुके हैं। आलम यह हो चुका है कि ई रिक्शा चालक जहां तहां अपना वाहन खड़ा कर देते हैं जिससे यातायात तो प्रभावित होता ही है वहीं राहगीरों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे बुरी स्थिति तो रोडवेज बस अड्डे के सामने किच्छा बाईपास रोड पर बन चुकी है जहां पेट्रोल पम्प से लेकर एक पैलेस तक दर्जनों की संख्या में ंई रिक्शा आड़े तिरछे खड़े हो जाते हैं और आधी से ज्यादा सड़क तक घेर लेते हैं। सवारियां भरने के लालच में वह भूल जाते हैं कि इस व्यस्ततम सड़क पर अन्य वाहन व राहगीर भी गुजरते हैं। लेकिन बेखौफ ई रिक्शा चालकों को यातायात नियमों की कोई भी परवाह नहीं है। यह स्थिति तब है कि जब रोडवेज के समीप तमाम ट्रैफिक पुलिस वाले और सीपीयू कर्मी तैनात रहते हैं। लेकिन ई रिक्शा चालकों पर अंकुश न होने के कारण वह बेलगाम हो चुके हैं। कमोबेश शहर के अन्य स्थानों की भी यही हालत है कि ई रिक्शा चालक बेतरतीब ई रिक्शे वाहनों को कहीं भी खड़ा कर देते हैं और यदि कोई इसका विरोध करता है तो वह अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। यह स्थिति तब है कि जब अनेक ई रिक्शा चालकों ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले और जबरन ई रिक्शा चलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। ई रिक्शा चालक संजय, ओमप्रकाश, शम्भू, सुरेश, अजहर, गोपाल सहित ई रिक्शा चालकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 50 प्रतिशत बिना नम्बर के ई रिक्शा चालक टैक्स जमा न कर शहर में ई रिक्शा दौड़ा रहे हैं और कई ई रिक्शा चालकों ने फर्जी नम्बर प्लेट भी लगा रखी है। 2हजार ई रिक्शा शहर में बिना नम्बर प्लेट के दौड़ रहे हैं। ई रिक्शा चालक 6 से 7 सवारियां वाहन में बैठाते हैं जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। जबकि 10-10 स्कूली बच्चों को भी ई रिक्शा वाहन में ढोया जा रहा है। ऐसे में यदि कोई हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने मांग की कि पुलिसकर्मियों और यातायात कर्मियों को कहा जाये कि अवैध ई रिक्शा चालकों पर लगाम कसी जाये और आधार कार्ड के आधार पर ई रिक्शा चालक अनिवार्य किया जाये।

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