हरीश रावत मां की सौगंध खाकर बोले—सच के लिए आख़िरी दम तक संघर्ष करूंगा, जनता के बीच जाना होगा”
नौकरी देने के बदले किसी से पैसा लेना तो दूर, कभी चाय-पानी तक नहीं पिया
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भावुक अंदाज में सफाई दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में रावत ने अपनी माताजी, मां दुर्गा और उत्तराखंड की धरती को साक्षी मानते हुए कहा कि उन्होंने किसी को नौकरी दिलाने या राजनीतिक पद देने के बदले कभी पैसे नहीं लिए। रावत ने लिखा, “माँ की सौगंध… सच के लिए आख़िरी दम तक संघर्ष करूंगा। कलंक का जवाब—सच और संघर्ष से।” उन्होंने दावा किया कि नौकरी देने के बदले किसी व्यक्ति से पैसा लेना तो दूर, उन्होंने उससे कभी चाय-पानी तक नहीं पिया।
“मेरे खिलाफ नियोजित तरीके से मुहिम चलाई जा रही है”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उम्र के इस पड़ाव में उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने की मुहिम चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी 2017 और 2022 में उनके खिलाफ आरोप लगाए गए, लेकिन उनके अनुसार उन आरोपों के कोई साक्ष्य सामने नहीं आए।रावत ने कहा कि वह अपने ऊपर लगे कथित “कलंक” के साथ जीवन समाप्त नहीं करना चाहते और जब तक अपनी सफाई जनता के सामने नहीं रख देते, तब तक संघर्ष जारी रखेंगे।
राजनीतिक पद के बदले भी पैसा नहीं लेने का दावा
अपने बयान में रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को राजनीतिक पद देने के बदले पैसा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उन्होंने हजारों लोगों की सिफारिशें कीं और लोगों के काम कराने में मदद की, लेकिन इसे कभी आर्थिक लेन-देन का माध्यम नहीं बनाया।उन्होंने कहा कि लोग आज भी उनकी मदद करते हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत स्थिति में नहीं है।
सहयोगी चंदन की संपत्ति का भी किया जिक्र
रावत ने अपने लंबे समय से साथ रहे सहयोगी चंदन का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी जिंदगी भर की कमाई सीज कर दी गई है। उन्होंने चिंता जताई कि उसके बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आजीविका कैसे चलेगी।
“स्वास्थ्य साथ दे या न दे, जनता के बीच जाना होगा”
पूर्व सीएम ने कहा कि शरीर और स्वास्थ्य साथ दें या न दें, लेकिन अपनी बात और सफाई जनता तक पहुंचाने के लिए उन्हें लोगों के बीच जाना ही होगा। उन्होंने मां से अपनी रक्षा की प्रार्थना करते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले में आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। रावत का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा चल रही है।
