‘मसूरी’ में दिलचस्प हुई भाजपाई ‘टिकट की टक्कर’
सैन्य धाम पर आमने-सामने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और पूर्व मेयर सुनील उनियाल, एक दूसरे पर खुलकर चलाए जुबानी तीर
देहरादून/मसूरी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के साथ ही भाजपा का टिकट हासिल करने की मारामारी भी बढ़ने लगी है। प्रदेश की प्राय सभी सीटों पर भाजपाई टिकट के तलबगारों की लंबी फेहरिस्त है। भारतीय जनता पार्टी चूंकि एक अनुशासित राजनीतिक दल है, इसलिए टिकट के सभी दावेदार आमतौर पर अनुशासन के भीतर रहते हुए पार्टी फोरम पर ही टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन भीतर खाने वे अपने प्रतिस्पर्धी को लंगडी मारने से भी नहीं चूक रहे हैं। भाजपा का टिकट हासिल करने की ऐसी ही एक दिलचस्प टक्कर मसूरी विधानसभा सीट पर भी देखने को मिल रही है, जहां वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और वरिष्ठ भाजपा नेता एवं देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा सैन्य धाम की आड़ में एक दूसरे पर खुलकर जुबानी तीर चला रहे हैं। ज्ञात हो कि सत्ताधारी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा बीते दिनों सैन्य धाम पहुंचे। अपने सैन्य धाम दौरे के दौरान वे वहां के निर्माण कार्य तथा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाते नजर आए। उनियाल के सैन्य धाम दौरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गईं।सुनील उनियाल गामा के सवालों पर सैन्य धाम बनाने वाले विभाग के जिम्मेदार मंत्री और मसूरी विधानसभा से विधायक गणेश जोशी ने फौरन बड़ी ही तीखी प्रतिक्रिया दी। कैबिनेट मिनिस्टर गणेश जोशी ने गामा पर सीधे तौर पर तंज कसते हुए कहा कि वह प्रदेश के बड़े मंत्री रहे हैं, उनका मेयर का कार्यकाल भी खत्म हो चुका है और अब वह खाली घूम रहे हैं। बीजेपी नेता सुनील उनियाल गामा का यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सुनील उनियाल गामा खुद मसूरी विधानसभा सीट से चुनावी दावेदारी को लेकर चर्चाओं में हैं। ऐसे में उनके सवालों को भाजपा के भीतर की राजनीति और मसूरी विधानसभा सीट पर भाजपा की टिकट प्राप्त करने की टक्कर से भी जोड़कर देखा जा रहा है ।वह इसलिए क्योंकि भाजपा के अंदरूनी सर्वे में कैबिनेट मिनिस्टर गणेश जोशी के कार्यकाल को भी संतोषजनक नहीं माने जाने की जनचर्चा जोरों पर है। ऐसे में कैबिनेट मिनिस्टर जोशी के विभाग की देखरेख में विकसित किये जा रहे सैन्य धाम पर उनियाल द्वारा सार्वजनिक रूप से उंगली उठाए जाने को एक खास राजनीतिक एंगल से देखा जा रहा है। मजे की बात तो यह है कि पहले से ही विवादों में चले आ रहे सैन्य धाम को लेकर उठे सवालों पर पर्दा डालने के बजाय अब भाजपा के भीतर ही एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज कसने का दौर शुरू हो गया है और मंत्री गणेश जोशी के बयान ने इस विवाद को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया है। यह अलग बात है कि पार्टी प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने इस समूचे मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश में पूरे मामले का ठीकरा विपक्ष के सर पर फोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम शहीद सैनिकों के सम्मान से जुड़ा विषय है। विपक्ष जानबूझकर इस राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने सैन्य धाम को भव्य स्वरूप देने का काम किया है। अब निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। शहीदों के नाम पर बनने वाले इस धाम को लेकर राजनीति करना उचित नहीं है।
