खेलों के दम पर उत्तराखंड बनेगा खेल राजधानी: मुख्यमंत्री चौंपियनशिप ट्रॉफी के विजेताओं को किया सम्मानित
खेल महाकुंभ के दसवें संस्करण का भव्य समापन
देहरादून (उद संवाददाता)। उत्तराखंड को देश की खेल राजधानी बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजन प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रें में छिपी प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खेल महाकुंभ 2026 के अंतर्गत आयोजित मुख्यमंत्री चौंपियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और विजेताओं को ट्रॉफी एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। खिलाड़ियों ने भी मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेकर खुशी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर, बेहतर संसाधन और उचित मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार का उद्देश्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रें में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई थी। |

आज इसका दसवां संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। खेल हमें गिरकर फिर उठना और निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना सिखाते हैं। खेलों से शरीर स्वस्थ रहता है और व्यक्ति का आत्मविश्वास, अनुशासन एवं व्यक्तित्व भी मजबूत होता है। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता खेलों के माध्यम से विकसित होती है। हमारी सरकार ने भी यह माना है कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का आधार खेल हैं। मुख्यमंत्री ने खेल महाकुंभ में बढ़ती सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष इस आयोजन में करीब 2 लाख 20 हजार खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था, जबकि इस वर्ष प्रदेशभर में आयोजित विभिन्न स्तरों की प्रतियोगिताओं में 3 लाख 35 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। यह आंकड़ा बताता है कि खेल महाकुंभ अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश में खेलों का आंदोलन बन चुका है। सितंबर माह से शुरू हुई प्रतियोगिताओं के माध्यम से न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चौंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत कुल 32 खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों से लेकर विधानसभा क्षेत्रें, संसदीय क्षेत्रें और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रतिभाओं को उनके अपने क्षेत्र से ही आगे बढ़ने का अवसर देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रें के खिलाड़ी भी बड़े मंचों तक पहुंच सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आउट ऑफ टर्न नौकरी और सरकारी सेवाओं में खेल कोटे के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार चाहती है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी रोजगार की चिंता छोड़कर पूरी एकाग्रता के साथ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। खेल सुविधाओं के विकास, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए भी लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजन प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति की नींव रख रहे हैं। खेल युवाओं को अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा खेलों से जुड़े और अपनी प्रतिभा के दम पर उत्तराखंड का नाम रोशन करे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री चौंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रदेशभर से करीब तीन लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था। खेलों के क्षेत्र में चाहे संसाधनों का विकास हो या खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की बात, उत्तराखंड निरंतर प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश खेल भूमि के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी निर्णयों के चलते प्रदेश के युवाओं के लिए खेलों में आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक संसाधन और उचित प्रोत्साहन मिले, जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकें। समापन समारोह को प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने भी संबोधित किया।

उन्होंने प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। समारोह में पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष कुंदन सिंह लटवाल, विनोद सुयाल, निदेशक युवा कल्याण दीप्ति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल प्रशिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं पदक देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच समारोह का समापन हुआ।


