ट्रैवल कारोबारी ने शटर बंद कर परिवहन इंस्पेक्टर को बनाया बंधक,वीडियो हुआ वायरल
रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर घटना बनी चर्चा का विषय
देहरादून। राजधानी देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में परिवहन विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ट्रैवल कारोबारी ने परिवहन विभाग के एक इंस्पेक्टर को अपने कार्यालय के अंदर शटर बंद कर करीब एक घंटे तक कथित रूप से कैद कर लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार हर्रावाला चौकी क्षेत्र में संचालित एक ट्रैवल व्यवसायी ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग का संबंधित इंस्पेक्टर हर महीने उससे आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगता था। कारोबारी का कहना है कि वह लंबे समय से कथित वसूली से परेशान था। इसी से तंग आकर उसने इंस्पेक्टर को कार्यालय के अंदर बंद कर दिया ताकि पूरा मामला सार्वजनिक हो सके। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कार्यालय का शटर बाहर से बंद कर दिया गया, जिससे परिवहन इंस्पेक्टर करीब एक घंटे तक अंदर ही मौजूद रहे। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और मामला तेजी से फैल गया। वहीं परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मौके पर किसी वसूली के लिए नहीं गए थे, बल्कि लघुशंका के लिए वहां रुके थे। इसी दौरान ट्रैवल कारोबारी ने उन्हें अंदर बुलाकर रस मलाई खाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि वह कार्यालय के अंदर बैठकर रस मलाई खा रहे थे, तभी कारोबारी ने बाहर से शटर बंद कर दिया। इंस्पेक्टर ने कहा कि ट्रैवल कारोबारी उन्हें पहले से जानता है, लेकिन अचानक इस तरह कार्यालय में बंद क्यों किया गया इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। घटना के बाद परिवहन विभाग और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। रिश्वतखोरी के आरोप और सरकारी अधिकारी को कार्यालय में बंद करने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक मामले में किसी आधिकारिक जांच या मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर कथित दबाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं कुछ लोग सरकारी अधिकारी को बंधक बनाए जाने की घटना को कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर बता रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
